मुलभुत सुविधाओं के लिए तरस रहे आदिवासी| नदी नाले पार करने में कट जाता है आदिवासियो का आधा समय

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पैलीमेटा, छत्तीसगढ़(ब्यूरो)- छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के अंतिम छोर पर बसे छुईखदान ब्लाक के यहा गांव बुनियादी सुविधा के लिये के लिये तरस रहा है । यहा यहा ज्याद तर आदिवासी बाहुल्य के लोग निवास करते है । यह जिला राजनांदगांव मुख्यालय से 85 कि.मी. दुरी पर है।

डंडुटोला लवतरा सुकतरा देवरचा बुढानभाठ मडवा भाठा झिरिया गांव के ग्रामीण नदी नाले में बारिश के चार महीने बाढ आने की वजह से आधा दर्जन गांव प्रभावित रहता है। ब्लाक मुख्यालय से संम्पर्क टुट जाता है ।

यहाँ ना अच्छी सडक है ना ही वहां नदी पार करने के लिये पुल, पुलिया तक नही है । यहाँ के ग्रामीणों ने बताया की यहाँ हमारे पुर्वजो द्वारा पिछले कई सालो से प्रशासन को शिविरो मे नदी नाले मे पुल और अच्छी सडक को लेकर आवेदन देकर थक चुके है । वहा से सिर्फ अनुशासन ही मिल पाया है ।

यहाँ गांव में बुनियादी सुविधा नही होने के कारण बारिश हो या गर्मी दोनो समय परेशानियो का सामना करना पडता है ।
इन्ही समस्याओ के कारण स्कूली बच्चे 5 वी कक्षा पढाई करने के बाद उसकी जिंदगी सिमट जाती है ।

नदी के उस पार ठाकुरटोला में 12 वी तक पढाई की सुविधा है पर झिरिया, लवातरा, देवरचा चिचका बैगा नदी में बारिश में बाढ की चपेट में रहती है । 15 से महीनो तक बाढ थमती नही हल्की बारिश पर कब बाढ आ जाये कोई कहा नही जा सकता ।

पुल बनाने की मांग ग्रामीण नरेश मरकाम भवर सिह धुर्वे चरण सिह सहदेव फिरतु राम परसोत्म जंगल सिह उमेद सिह भूलेश गोसिह लले सिह ने प्रशासन से की है । यहा के ग्रामीणो को 10 से 15 कि.मी. जंगली रास्ते और नदी पार सफर कर राशन , खाद ,बीज, अपने महीनो भर का जरूरत का समान , धान की खरीदी केन्द्र अपनी नई फसल धान बेचने के लिये धान खरीदी केन्द्र पैलीमेटा जाना पडता है ।

जो पारी नही आने पर कई रात जाग कर दिन रात गुजाना पडता है । धान बेचने के लिये कई दफा प्रशासन से धान खरीदी केन्द्र ठाकुरटोला में खोलने की मांग ग्रामीणो द्वारा की गई पर कुछ नही हुआ । और अस्पताल पैलीमेटा भी जाना पडता है।
यहाँ खराब रास्ता होने की वजह से बारिश के चार महीने अगर किसी की श्वास्थ खराब हो गया तो वह ग्रामीण दम ही तोड देता है । अच्छा इलाज नही हो पाता 108 संजीवनी एक्सप्रेस और महतारी एक्सप्रेस गांव तक पहुच नही पाती ।
गर्मी के दिनो भी रास्ते देख श्वास्थ विभाग की गाडिया जाना पसंद नही करते । यही नही ग्राम डंडुटोला के ग्रामीण जब विधान सभा चुनाव आता है तो 8 से 10 किलो मीटर दुर गांव की नदी पार कर वोट डालने के लिये अचानकपुर जाना पडता है ।

यह मुख्य समस्या तीनो नदी में पुल नही बनने से यहा आधा दर्जन भर गांव के ग्रामीणो की जिंदगानी नदी नाले में सिमट जाती है । यह नदी प्रसिद्ध मंढीप खोल गुफा के 16 नदी में सामिल है यही से गुफा के दुर्गम रास्ते प्रारंभ होती है ।

रिपोर्ट-हितेश मानिकपुरी/हरदीप छाबड़ा

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