रोहित वेमुला आत्महत्या मामले में ABVP नेता ने कहा कि रोहित वेमुला और उसके साथी याकूब मेमन के लिए पढ़ते थे नमाज

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हैदराबाद- रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले में एबीवीपी के नेता ने कई गंभीर आरोप लगाये है I एबीवीपी के नेता की तरफ से लगाया गया यह ताजा आरोप इस पूरे मामले को एक नई दिशा ही दे रहा है। आपको बता दें कि एबीवीपी नेता सुशील कुमार ने कहा कि हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से सस्पेंहड किए जाने के बाद आत्म हत्या करने वाले छात्र रोहित वेमुला और बाकी के चार अन्य के खिलाफ उन्होंने बीते साल अगस्त महीने में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उस वक्त सुशील ने आरोप लगाया था कि इन पांचों ने मिलकर उनकी पिटाई की थी।

एबीवीपी नेता सुशील कुमार ने बताया कि इसी शिकायत की वजह से ही इनके ऊपर कोर्ट केस हुआ था और यूनिवर्सिटी की तरफ से भी रोहित और उसके चारों दोस्तों के ऊपर दो बार जांच भी बैठी थी ।
आपको बता दें कि सुशील कुमार का कहना है रोहित वेमुला और उनके साथी मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन के लिए नमाज पढ़ रहे थे। एबीवीपी नेता ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में बताया कि अंबेडकर स्टूएडेंट्स असोसिएशन के सदस्ये वेमुला और उसके दोस्त आतंकी याकूब मेमन की फांसी का विरोध कर रहे थे।

सुशील ने यह भी बताया कि, “सुशील और उसके साथियों ने याकूब के लिए कई बार नमाज पढ़ी थी । हालाँकि सुशील ने यह भी कहा है कि किसी की मौत का विरोध कोई भी कर सकता है लेकिन एबीवीपी के नेता ने कहा कि विरोध के बावजूद उन सभी के बयान बेहद निराशाजनक और दुर्भाग्यपूर्ण थे। जैसे उन्होंने अपने बयान में कहा था कि, “हर घर से निकलेगा एक याकूब’ परेशान करने वाला था।”

सुशील ने बताया कि मैंने तो सार्वजनिक तौर पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर रोहित वेमुला और उसके साथियों को पहले ही गुंडा करार दे दिया था। सुशील ने बताया कि इसी के बाद ही रोहित और उसके चार दोस्तों ने उसके घर में घुसकर मारा था जिसकी वजह से सुशील ने बताया था कि वह अस्पताल में भर्ती हो गए थे ।
हालाँकि आपको बता दें कि मेडिकल रिपोर्ट्स की मानें तो सुशील कुमार दो दिन बाद अस्पताल में भर्ती हुए और उनका अपेंडिक्सप का ऑपरेशन हुआ था। हालांकि, सुशील ने गुरुवार को कहा कि वे उसी रात भर्ती हुए थे।

सुशील ने यह भी कहा, ”रोहित ऐसा सख्स नहीं था जो इतनी आसानी से आत्म हत्या कर ले। किस वजह से वह इतना डिप्रेशन में चला गया, ये सवाल हम भी उठा रहे हैं। इस मामले की समुचित जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा भी होनी चाहिए।”

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