सूखे की चपेट में दो दर्जन गांव

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सहार/औरैया(ब्यूरो)- सिचाई विभाग की लापरवाही से दर्जनों गांव के किसान परेशान है।बिधूना से याकूब पुरहोते हुए छोटी राम गंगा माइनर निकली है । जिससे उस माइनर से जुड़े दर्जनों गांव के किसान अपने खेतों की सिचाई करते है । लेकिन विगत एक माह से नहर में पानी ना होने के कारण किसान आगामी धान की। मक्के की, खरीफ फसलों की पलेवा के लिए इंजनों का सहारा लेने को मजबूर है।

जिससे किसान अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई काएक बड़ा हिस्सा खेतो की सिचाई में खर्च कर देताहै। नहर से सटे गांव कुर्सी, कमलपुर, अलीपुर, बडेराहार, पटना नयापुरवा, मटेरा, जलालपुर सहित दर्जनों गेन के किसान नहर में पानी छोड़े जाने की बाट जोह रहे है। जिससे उनके खेतो की पलेवा हो सके।

इस माइनर से जुड़े सहार लहरापुर रजबहा,सियारी नदी के सूखे रहने से भी किसानों के मुश्किले बड़ी है। निवादा गांव निवासी45 वर्षीय रणजीत सिंह एक बड़े किसान है बताते है कि मेरी खेती का एक बड़ा हिस्सा रजबहा के पानी पर निर्भर है। पानी ना होने से अभी खेतो में कोई काम नही शुरू हो सका है।

कमोबेश यही बात देवीदास के 52 वर्षीय पेशे से वकील रणधीर सिंह, अनुराग सिंह28 वर्षीय समाजसेवी, पुरवा मदारी के 36 वर्षीय जैनुद्दीन, पुरवा कहते से 45 वर्षीय विनोद कुमार चौबे 38 वर्षीय उतमापुर से 60 वर्षीय श्रीकृष्ण वर्मा रामनगर गांव से अरविंद कुमार 35 वर्षीय 55 वर्षीय बीरेंद्र सिंह आदि किसान माइनर विभाग लापरवाही से पूरी बिधूना तहसील के सैकड़ो किसान खेती में पीछे हो रहै है। जबकि कागजो में पूरी तरह से सही चल रही है ।

हकीकत तो यह है दर्जनों गांव जिनको अपनी फसल के लिये पानी नही मिलता हर साल किसनो को बड़ा नुकसान उड़ना पड़ता है प्रशासनिक अधिकारी का इस नहर पर ध्यान नही पड़ता कई बार इसकी शिकायत माइनर विभाग को की गई है पर कोई भी निवारण आज तक नही हुआ । सभी किसानों ने जिले के आलाधिकारियों से इस समस्या का जल्द से जल्द निवारण करने की अपील की है। जिससे किसान समय रहते अपने खेतों की बुआई जुताई कर सके।

रिपोर्ट-मनोजकुमार

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