सुखोई विमानों के रख-रखाव के लिए भारत और रूस के बीच हुए 2 अहम समझौते

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नई दिल्ली- भारतीय वायुसेना की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले दुनिया के सबसे बेहतरीन विमानों में से एक सुखोई एमकेआई 30 विमानों के रख-रखाव के लिए भारत और रूस के बीच शुक्रवार को दो बेहद अहम समझौते हुए है।

आपको बता दें कि केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री अरुण जेटली और रूस के उद्योग मंत्री डेनिस मेट्रो की मौजूदगी में शुक्रवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और रूस के रक्षा क्षेत्र की दो दिग्गज कंपनियों यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कारपोरेशन और यूनाइटेड इंजन कारपोरेशन के बीच इन दो बेहद महत्वपूर्ण करारों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के आधार पर आपको बताया जा रहा है कि इन दोनों ही करारों के अनुसार रूस कि यह दोनों दिग्गज कंपनियां भारत को आने वाले समय में 5 सालों तक सुखोई-30 एमकेआई को सुचारु रुप से चलाने के लिए तकनीकी सहायता व रख-रखाव तथा कल पुर्जों की आपूर्ति कराएंगे। गौरतलब है कि रूस के उपप्रधानमंत्री और उनके साथ एक प्रतिनिधिमंडल इस समय भारत के दौरे पर है। शुक्रवार को रूस के उप प्रधानमंत्री ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ एक बैठक की है जिस दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रूस के उप-प्रधानमंत्री यूरी तुत्र नेव ने दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को और अधिक बढ़ाने के लिए संभावित विकल्पों को तलाश करने की बात कही। दोनों ही नेताओं के बीच हुई इस वार्ता में भारत और रूस के बीच ऊर्जा एवं हीरा उत्पादन क्षेत्र समेत कई क्षेत्रों में आर्थिक साझेदारी को भी बढ़ावा देने के तरीकों पर बातचीत की है।

230 सुखोई एमकेआई इस्तेमाल कर रही है इंडियन एयरफोर्स-
आपको बता दें कि भारतीय वायुसेना की रीड की हड्डी माने जाने वाले सुखोई एमकेआई 30 विमानों को भारतीय वायु सेना के अग्रिम मोर्चे का लड़ाकू विमान माना जाता है। इस समय भारतीय वायु सेना के पास 230 सुखोई एमकेआई-30 फाइटर जेट्स हैं।

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