बीसीसीएल के कुस्तौर घोटाले में दो और कर्मी निलंबित, अब तक 9 लोग निलंबित ,यूनियन ने जताया विरोध

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धनबाद(ब्यूरो)- सौ करोड़ के कुस्तौर घोटाले के कनेक्शन में दो और कोयलाकर्मियों की नौकरी चली गई है। सात अधिकारियों की बखार्स्तगी के पहले ही वित्त विभाग में कार्यरत कर्मचारी भोलानाथ चौधरी की नौकरी पांच दिन पहले चली गई।

इसके पहले एक और कर्मी मो. बिकाऊ सेवानिवृत्त होने के एक दिन पहले बर्खास्त किए गए। दोनों को विभागीय कार्रवाई के तहत बर्खास्त किया गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विभागीय जांच में कुस्तौर घोटाले में संलिप्तता की पुष्टि होने के कारण बर्खास्त किया गया।

कुस्तौर घोटाले में लगातार हो रही कार्रवाई से कई कोयला अधिकारियों और कर्मचारियों की नींद उड़ी हुई है। अब चर्चा हो रही है कि बड़े-बड़े अफसरों के दवाब में गड़बड़ी की और अब नौकरी जा रही है। मामले से जुड़े कई अधिकारी हैं हैं जिनपर बर्खास्तगी की तलवार लटकी हुई है। जैसे-जैसे मामले की परत खुलती जा रही है अधिकारियों और कर्मचारियों की नौकरी जा रही है।

कोर्ट में मामला, तो बर्खास्त क्यों किया : कोल माइंस
आफिसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया,बीसीसीएल शाखा की कोर ग्रुप की कोयला भवन में हुई बैठक में सात अधिकारियों की बर्खास्तगी की निंदा की गई। कहा गया कि सीबीआई की कोर्ट में मामला लंबित है इसलिए बर्खास्त करना उचित नहीं है।

सीएमओएआई ने बर्खास्त अधिकारियों का बचाव करते हुए कहा है कि कोयला मंत्रालय द्वारा अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के दिन अभियोग पत्र देना भी अनुचित है। इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश की अवहेलना हो रही है।

सेवा के अंतिम दिन अभियोग पत्र देने से संबन्धित अधिकारी को अपना पक्ष रखने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है, जो नैसर्गिक न्याय के नियम के विरुद्ध है। यह जानकारी सीएमओएआई की ओर से जारी विज्ञप्ति में दी गई है। एसोसिएशन का कहना है कि जांच अधिकारी ने जब सात में से एक अधिकारी को निर्दोष पाया है तो उसे क्यों बर्खास्त किया गया।

रिपोर्ट-गणेश कुमार

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