उच्चाधिकारियों की बुद्धि-शुद्धि के लिए शिक्षामित्रों ने किया यज्ञ

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इटावा(ब्यूरो)- सुप्रीम कोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों का निर्णय सुनाए आज सात दिन बीत चुके है । इस निर्णय से आहत शिक्षामित्र लगातार धरना प्रदर्शन जारी किए हुए है । आज इटावा में शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार और केन्द्र सरकार की बुद्धि को शुद्धि करने के लिए बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया ।

आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएयन जनपद इटावा के प्रान्तीय संगठन मंत्री जिला अध्यक्ष श्री उदयवीर सिंह यादव की अध्यक्षता मे सातवे दिन धरना प्रदर्शन जारी रखा, जिसमे शिक्षामित्रो व्दारा माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार एंव माननीय मु0 मंत्री उ0प्र0 के बुद्धि शुद्धि के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर प्रतिमा रखकर हवन पूजन किया और धरना प्रदर्शन किया| धरने को सम्बोधित करते हुये जिलाध्यक्ष जी ने कहा के जब तक सरकार हमारी मांगे पूरी नही करती तब तक इसी तरह धरना प्रदर्शन चलता रहेग| कल अर्धनग्न अवस्था मे प्रर्दशन किया जायेगा| बैठक को सम्बोधित करते हुये महामंत्री सुशील तिवारी ने कहा जब तक सरकार हमारी मांगो को नही मानती है तो जनपद इटावा मे एक भी परीषदीय विद्यालय नही खुलने देंगें ।

जिला कोषाध्यक्ष पवन शाक्य ने कहा अगर सरकार हमारी मांगो को नही मानती तो हमारे सभी शिक्षा मित्र परिवारो को इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाये| जिला प्रवक्ता अरुण यादव एबजरंगी लाल ने बताया बहुत जल्द हम हडताल पर जाने वाले है, जिसमे वि0 बी.टी.सी. के अध्यक्ष मंगेश यादव वेसिक उच्च जूनियर शिक्षक संग के अध्यक्ष संजय दुवे गैरव पाठक ने कहा की हम शिक्षा मित्र की लडाई मे सामिल है सरकार शिक्षा मित्रो की मांगे के ऊपर जल्दी विचार करे अन्यथा प्रान्तिय आन्दोलन छेड देगे  संचालक सर्वेश कुमार राजपूत ने किया धरने मे जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्याम किशोर गुप्ता जिला प्रभारी विमल यादव, बृतेन्द्र चौहान महिला प्रभारी कालिन्द्री यादव,  जिला उपाध्यक्ष अगम बाबू, लोकेश यादव, आशित यादव, सुधीर कुमार, कन्हैया लाल, पूजा तोमर, बृज मोहन, धर्मेन्द्र कुमार, विनीता आदि शिक्षा मित्र मौजूद रहे ।

शिक्षा मित्रों की यह है सरकार से अपील-
इटावा के शिक्षा मित्रों में ने अपनी मांगों को लेकर जिला अधिकारी महोदय के द्वारा ज्ञापन सौपा । उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अध्यापक नियमावली में अतिशीघ्र संशोधन कर सहायक अध्यापक पद पर हमे बहाल किया जाए। जैसे तमिलनाडु सरकार ने न्यायालय के आदेश के बाद नियम कानून में संशोधित करके जलीकूट्टी खलो को यथावत रखा । जब तक समायोजन नहीं होता, तब तक समान कार्य समान वेतन मिलता रहे ।  यदि ऐसा नहीं होता है, तो समायोजित शिक्षकों/शिक्षा मित्रों को इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए । वही पर शिक्षा मित्रों ने कहा जो लोग यह समझ रहे है कि शिक्षा मित्र इंटर पास है, तो उनकी सोच गलत है । लगभग सभी शिक्षा मित्र बीए कर चुके है । अधिकतर शिक्षा मित्र पहले सो ही स्नातक थे । एक लाख उन्तालीस हजार शिक्षा मित्र बीटीसी कर चुके थे जिनका समायोजन हो गया ।  वही समायोजित शिक्षक बेलफेयर ऐसोसिएशन के जिला अध्यक्ष ने बताया कि यह यज्ञ हम प्रदेश और केन्द्र सरकार की बुद्धि को शुद्धि करने के लिए कर रहे है । क्योकि इस हवन के द्वारा सरकार की शायद बुद्धि शुद्धि हो सके ।

रिपोर्ट- सुशील कुमार 

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