ब्रिटेन की मश्जिदों ने तुगलकी फरमान – न महिलाएं पहनें पैंट और नहीं बनाएं फेसबुक अकाउंट

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लंदन- ब्रिटेन दुनिया के सबसे पुराने और सभ्य शहरों में से एक, जहां हर किसी को अपनी मर्जी से जीने की आज़ादी दी जाती है | किसी के ऊपर कभी भी किसी प्रकार का कोई दबाव या फिर जोर जबरदस्ती कोई नहीं कर सकता है | लेकिन कहा जाता है न कि जिन लोगों की सोच गन्दी होती है उन्हें चाहे आप कही भी क्यों न बिठा दें उनकी सोच कभी परिवर्तित नहीं होती है | ऐसा ही आजकल ब्रिटेन की कुछ मश्जिदें कुछ तुगलकी फरमान सुनाकर कर रही है |

ब्रिटेन की मस्जिदों ने सुनाया फरमान, न ही हो फेसबुक अकाउंट और न ही पहने पैंट –
जी हाँ ब्रिटेन की कुछ मस्जिदों ने इसी तरह के तुगलकी फरमान महिलाओं के ऊपर थोपने शुरू कर दिए है | ब्रिटेन की मश्जिदों ने एलान किया है कि ब्रिटेन में रहनी वाली मुस्लिम महिलाओं के न ही अब फेसबुक अकाउंट होने चाहिए और न ही उन्हें पैंट पहनना होगा | इतना ही नहीं मस्जिदों ने अपने अपने एलान में यह भी कहा है कि कोई भी मुस्लिम महिला अपने पति को बिना बताये कही भी बाहर नहीं जा सकती है |

अखबार में छपा है इस्लामिक आर्टिकल के नाम पर –
बता दें कि स्थानीय अखबार में एक इस्लामिक आर्टिकल्स नाम के शीर्षक के साथ इस्लामी संघो के आदेश को दिखाया गया है | इस खंड में क्रॉयडॉन मस्जिद एवं लंदन के इस्लामिक केंद्र द्वारा प्रकाशित पति और पत्नी नामक दस्तावेज को भी संलग्न किया गया है | इस दस्तावेज को मस्जिद के एक मुफ्ती ने लिखा है |

मुफ़्ती ने इस लेख में लिखा है कि महिलाओं को अपने पति की इज़ाज़त के बगैर अपने घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए | उधर उतर-पश्चिम इंग्लैंड के ब्लैकबर्न में सेंट्रल मस्जिद ने फेसबुक के खतरे नाम के शीर्षक के साथ एक पोस्ट किया | इस लेख में शराब को हराम बताने वाले कुरान के नियम को बताया गया है | इस आर्टिकल में सोशल मीडिया को भी शराब की ही तरह से बैन करने की बात कही गयी है | उधर एक और बर्मिंघम के ग्रीन लेन मश्जिद के अनुसार महिलाओं को अपने पतियों के सामने भी ट्राउजर नहीं पहननी चाहिए | मश्जिद ने कहा है कि ट्राउजर पहनने से महिलाओं का शरीर दिखता है |

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