बीएचयू: ऑपरेशन के बाद गंभीर हुए मरीजों का होगा इलाज मुफ्त

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प्रतीकात्मक

वाराणसी(ब्यूरो): दो दिन पूर्व सर सुंदरलाल अस्पताल के ओटी में हुए ऑपरेशन के बाद मौत के तांडव से मचे हड़कंप के बाद अस्पताल किसी भी प्रकार से कोताही नही बरतना चाहता। कमिश्नर के दौरे के बाद जिला प्रशासन की भी नजरें अस्पताल पर बनी हुई है। वीसी प्रो. जी.सी.त्रिपाठी भी मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे है। वही अस्पताल में ऑपरेशन के बाद गंभीर 5 मरीजों की बिगड़ी हालत के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।

बीएचयू की ओर से जारी रिलीज में कहा गया है कि मरीजों के हालात में तेजी से सुधार आ रहा है| मगर सूत्रों की माने तो 5 मरीजों का हालत चिंताजनक है। अचानक मरीजों की तबियत बिगड़ने से तीमारदारों पर खर्च का दबाव बढ़ गया था। इसकी भनक जैसे ही शुक्रवार सुबह मीडिया में आई एमएस ड़ॉ. ओ.पी. उपाध्याय ने तत्काल चिकित्सकों के साथ बैठक की।

बैठक में पहले सभी मरीजों के स्वास्थ्य पर मंथन हुआ उसके बाद घटना से हो रही अस्पताल की किरकिरी से बचने के लिए एमएस ड़ॉ. ओ.पी. उपाध्याय ने ऑपरेट होने के बाद गंभीर हुए सभी मरीजों का इलाज मुफ्त कर दिया। दूरभाष पर हुए बातचीत में ड़ॉ. ओ.पी. उपाध्याय ने कहा कि हम सभी गंभीर मरीजों के प्रति चिंतित है और सबका इलाज मुफ्त किया जाएगा। चिकित्सक जो भी दवाएं लिखेंगे वह उमंग फार्मेसी से उन्हें मिलेंगी जिसका पैसा अस्पताल वहन करेगा।

तीमारदारों से हो रही बत्तमीजी-

ऑपरेशन के बाद बिगडी तबियत से परेशान तीमारदारों के चेहरे पर चिंता की लकीरें है। वह लगातार चिकित्सक से अपने मरीज का कुशल क्षेम जानना चाहते है। तीमारदारों का आरोप है कि जब वह चिकित्सकों से संपर्क कर रहे है तो उनके साथ बत्तमीजी और ठीक ढंग से बात नही किया जा रहा। तीमारदारों की मांग है कि किसी पैरामेडिकल स्टाफ को लगा दिया जाए तो समय-समय पर परिजनों को उनके मरीज के तबियत की जानकारी दें।

रिपोर्ट- सर्वेश कुमार यादव 

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