योगी जी आपके राज में , दारू बिक रही मंदिर के आड़ में

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बलिया(ब्यूरो)-  माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर राष्ट्रीय राजमार्गों से जब शराब की दुकानें हटाई गई तो लगा चलो कुछ तो सफाई हुई , पर लोगो को यह अंदाज़ा नहीं था कि उससे भी बड़ी समस्यां तो अब आने वाली है । एनएच से बेदखल होने के बाद शराब माफियाओ ने घनी आबादी वाली बस्तियों की तरफ रुख किया| दुकान खोलने की धुन में मंदिर मस्जिद चर्च को भी नहीं छोड़ा, कई जगह तो बच्चों के स्कूलों के पास भी खोल दिया । अपने घर के राशन पानी का बजट शराब के कारण बिगड़ता देख प्रदेश भर की महिलाओं ने बिरोध प्रदर्शन भी किया पर किया परिणाम निकला| शराब माफियाओ की हनक के चलते उल्टे प्रदर्शनकारियों पर ही मुक़दमे लाद दिये गये ।

इसका परिणाम यह हुआ कि शराब माफियाओ का हौसला इतना बढ़ गया कि इन लोगो ने मन्दिर और चर्च के एकदम नजदीक दुकाने खोल ली । योगी जी आपके सीएम बनने के बाद लोगो में आस जागी थी कि चलो एक सात्विक विचारो वाला संत सत्ता के शिखर तक पहुंचा है अब दुष्ट आत्माओ और बुरे कर्म करने वालो पर शिकंजा कसेगा और आमजन धार्मिक कृत्यों को बिना किसी व्यवधान के कर सकेगा । लेकिन शराब की दुकानों के रिहायशी और धार्मिक स्थलों और पाठशालाओं के नजदीक खुल जाने से आमजन की दुश्वारियां बढ़ गयी है । योगी जी आप ही बताइए शराब की दुकान पर शराबियो की भीड़ के पास से गुजरते नौनिहालो के मन मस्तिष्क पर कैसा प्रभाव पड़ेगा , इन शराबियो की गंदी निगाहों और छींटाकशी से कैसे एक लड़की या महिला अपने आप को बचा पायेगी , हनुमान जी की पूजा करने जा रहे भक्त क्या पूरी तल्लीनता के साथ पूजा कर पाएंगे , क्या चर्च में इनके शोरगुल के बाद भी पार्थना शांतिपूर्वक हो सकती है ।

श्री योगी जी बलिया जनपद के जिला मुख्यालय पर उपरोक्त सभी चीजें हो रही है । सरकारी नियमो को ताक पर रखकर दुकाने खोली गयी है लेकिन जिला प्रशासन राजस्व वसूली प्रभावित न हो इसके कारण मौन साधे हुए है । नगर पालिका परिषद् बलिया ने जिन ठेलिया वालो को दुकान बनाकर किराये पर दी है| वे नगर पालिका के किरायेदार मालिक बनकर शराब माफियाओ को किराये पर दे दिये है । जिस चर्च का मालिक उस का वाराणसी या अन्य जगहों पर रहने वाले फादर होते है उस चर्च की जमीन को भी लोगो ने हथियाने का काम किया है । हनुमान जी के मंदिर के 100 मीटर के दायरे में शराब की तीन और मीट बेचने वाली दुकान खुल गयी है । ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि क्या शराब के राजस्व के बिना हमारी सरकार चल नहीं सकती है ? क्या नौनिहालो , महिलाओं , बच्चियों और धार्मिक लोगो के नित्य प्रतिदिन के कार्यो में कोई रुकावट न आये हम लोग ऐसा वातावरण भी नहीं दे सकते है ? बिना शराब के अपराध में कितनी गिरावट आती है| इसका ज्वलंत उदहारण बिहार राज्य हमारे सामने है फिर भी हम पूर्ण शराब बंदी की तरफ कदम क्यों नहीं बढ़ा सकते । श्री योगी जी सरकारी राजस्व बढ़ेगा तभी जनता की भलाई के अत्यधिक कार्य किये जा सकते है यह कटु सत्य है पर क्या बिना नैतिकता सदाचार के सभ्य समाज का निर्माण हो सकता है यह आपको हम सबको सोचना पड़ेगा ।

रिपोर्ट- संतोष कुमार शर्मा

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