लोकतंत्र के पर्व पर भारी पड़ा शिवरात्रि का पर्व और लोगो की बेरोजगारी, बेरोजगारी और भक्ति के कारण हजारों लोग नहीं कर सकेंगे मतदान

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कुंडा (प्रतापगढ़ ब्यूरो)-  चुनाव आयोग मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए तरह – तरह के प्रयास कर रहा है लेकिन शिवरात्रि का पर्व और बेरोजगारी के कारण लोगो के पलायन करने से तहसील के हजारों मतदाता मतदान नहीं कर पाएंगे। जिससे चुनाव की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। मजे की बात यह है कि चुनावी ड्यूटी पर लगे सरकारी कर्मचारियों के लिए आयोग ने मतदान की व्यस्था की है लेकिन इन लोगो के लिए आयोग ने कोई व्यवस्था नहीं किया । जिससे ये लोग अपने मत का प्रयोग नहीं कर सकेंगें।

मतदान प्रतिशत को बढ़ाने के लिए आयोग कई तरह के प्रयास कर रहा है । मतदाताओं को जागरूक करने के लिए रैली सहित सभी हथकंडे अपना रहा है। लेकिन आयोग के इतने प्रयास के बावजूद भी हजारों लोग आयोग की अदूरदर्शिता के कारण शिवरात्रि और बेरोजगारी के कारण अपने मत का प्रयोग नहीं कर पाएंगे।

दरअसल, 23 फरवरी को होने वाले मतदान के ठीक एक दिन बाद शिवरात्रि का पर्व है। तहसील के सैकड़ो भोले बाबा के भक्त प्रत्येक वर्ष बाबा धाम जाकर भगवान भोले नाथ को जलाभिषेक करते हैं।इस बार 24 फरवरी को शिवरात्रि का पर्व पड़ रहा है। जिससे तहसील के सैकड़ो मतदाता मतदान के दिन बाबा धाम में रहेंगे और वे अपने मत का प्रयोग नहीं कर पाएंगे।
इसके अलावा तहसील के सैकड़ो बेरोजगार रोजगार के सिलसिले में गैर प्रांतों में रहते हैं और इस समय ईंट भट्ठों पर मजदूरों की मांग होने के कारण बहुत सारे मजदूर मतदान के पहले ही अपने घर को छोड़कर रोजी रोटी के सिलसिले में ग़ैर प्रांत चले जा रहें हैं। जिससे ये लोग में भी अपना मत नहीं दे सकेंगे।

चुनाव आयोग ने ड्यूटी पर लगे सरकारी कर्मचारियों के लिए मतदान की व्यवस्था तो की, लेकिन इन मजदूरों और भगवान् भोले के भक्तों के लिए मतदान की कोई व्यस्था नहीं की।जिससे तहसील के हजारों मतदाता अपने मत का प्रयोग चाहकर भी आयोग की अदूरदर्शिता के कारण नही कर पाएंगे। जिससे आयोग की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

रिपोर्ट : विश्व दीपक त्रिपाठी

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