नए शिक्षण सत्र के शुरू होते ही दिखी लापरवाही

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प्रतापगढ़(ब्यूरो)– परिषदीय स्कूलों में एक अप्रैल से नया शिक्षण सत्र शुरू हो गया। पहले दिन स्कूलों में मनमानी दिखी। बीएसए को दो स्कूल बंद मिले। कई स्कूलों में शिक्षक नदारद रहे। बच्चों की संख्या कम रही। 1 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शनिवार को शिक्षण सत्र का पहला दिन था। विद्यालय का समय सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक है। बीएसए बीएन सिंह खुद स्कूलों के निरीक्षण पर निकले थे और सभी खंड शिक्षाधिकारियों को भी भेजा था। बीएसए सुबह 8.20 बजे बाबागंज ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय भैसना पहुंचे तो स्कूल बंद था। बीएसए 9.50 बजे सड़वा चंद्रिका ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय पूरे आचार्य पहुंचे तो वहां भी स्कूल बंद था। बीएसए ने इन दोनों विद्यालयों के हेडमास्टर समेत सभी शिक्षकों का वेतन रोक दिया है।

बीएसए ने कई और स्कूलों का निरीक्षण किया। हर स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति शत प्रतिशत नहीं मिली। गैर हाजिर शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोक दिया गया है। सदर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय किशुनदासपुर में 57 बच्चे पंजीकृत थे, लेकिन 27 बच्चे ही मौजूद थे। इंचार्ज हेडमास्टर आरती देवी, शिक्षिका ऋचा उपाध्याय बच्चों को पढ़ा रही थी। एनपीआरसी मोहम्मद आफाक ने स्कूल का निरीक्षण किया। कुंडा प्रतिनिधि के अनुसार खंड शिक्षाधिकारी बाबागंज रवींद्र सिंह आठ बजे पूर्व माध्यमिक विद्यालय बहोरिकपुर पहुंचे तो वहां सात शिक्षक में से एक शिक्षक मौजूद मिले। तीन अनुदेशकों में से सभी गैर हाजिर थे। प्राथमिक विद्यालय भैसना में कोई शिक्षक नहीं आया था। प्राथमिक विद्यालय पूरे जनक में चार में दो शिक्षक आए थे। हीरागंज प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक विद्यालय भैरोपुर में तीन में एक शिक्षक गैर हाजिर थे। इस स्कूल के भवन की रंगाई पुताई नहीं हुई थी। गैर हाजिर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की खंड शिक्षाधिकारी ने बीएसए को पत्र लिखा है। रानीगंज प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक विद्यालय रानीगंज प्रथम में शिक्षक सत्य प्रकाश पांडेय, ज्योत्सना, दीपा, अनुराग सिंह मौजूद मिले|

रिपोर्ट- डॉ. आर. आर. पाण्डेय
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