मनाई गई विश्वविद्यालय की प्रथम प्रशासिका जगदंबा सरस्वती की पुण्यतिथि

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बांगरमऊ/उन्नाव(ब्यूरो)- प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय केंद्र पर आज विश्वविद्यालय की प्रथम प्रशासिका जगदंबा सरस्वती की पुण्यतिथि मनाई गई। जिसमें नगर एवं क्षेत्र के सैकड़ों ब्रह्म कुमार एवं कुमारियां शामिल हुए। सफीपुर केंद्र की संचालिका बहन पुष्पा ने जिज्ञासुओं से परमपिता परमात्मा शिव की याद में सदैव रहने की अपील की।

स्थानीय केंद्र की संचालिका बहन सरला ने कहा कि वर्तमान कलयुग के बाद वर्तमान समय में संगम युग चल रहा है अर्थात आत्मा का परमात्मा से मिलन का समय है और मानव से देवता बनने का शुभ अवसर है । ऐसे समय में प्रत्येक मानव जाति को राजयोग के द्वारा देवत्व प्राप्त करना है। जिससे हम स्थूल वतन से सूक्ष्मवतन और मूल वतन में पहुंचकर परमपिता परमात्मा का सानिध्य प्राप्त कर सके। ब्रह्मकुमारी सरला बहन ने जानकारी दी कि केंद्र पर निशुल्क राजयोग सिखाया जाता है । राजयोग से प्रत्येक आत्मा का चरित्र निर्माण होता है और चरित्र निर्मित हो जाने से वह मानव से देवता में परिवर्तित हो जाता है। उन्होंने बताया आज एक सप्ताह की राजयोग शिक्षा से ही मानव परमपिता परमात्मा का ज्ञान प्राप्त कर सकता है । उन्होंने उपस्थित जिज्ञासुओं से अपने पड़ोसियों के संबंधियों को केंद्र पर लाकर राज योग सिखाने में सहयोग की अपील की। सत्संग में महेश फौजी, उमा कनौजिया , हरिस्वरूप, माधुरी, रमेश द्विवेदी, माधुरी कुशवाहा, हर्ष यादव , सरोज यादव, शिव शंकर निराला, विमला यादव व तारा सिंह आदि शामिल हुए।

रिपोर्ट- रघुनाथ प्रसाद

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