कथित सपा संरक्षित गुंडों ने की पत्रकार की ह्त्या, योगी सरकार भी नहीं दिला पा रही न्याय

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उन्नाव(ब्यूरो)- जनपद की पुलिस ने किस तरह से अभियुक्तों को खुला छूट दे रखा है, खुलेआम नामजद अपराधी घूम रहे प्रतिदिन घटनाएं बढ़ती जा रही है कहीं हत्या तो कहीं चोरी तो कहीं टप्पे बाजी जैसी घटनाओं की तो बाढ़ सी आ गई है | पूर्व सरकार की तरह इस सरकार में भी पुलिस प्रशासन खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ा रहा है |

धनबली व बाहुबली के आगे जनपद की पुलिस अधीक्षका नतमस्तक है | एक वर्ष दस दिन बीतजाने के बावजूद भी पीङित परिवार के सदस्यों को न्याय नहीं मिला सभी सातों नामजद आरोपी गाँव में खुले घूम रहे है, पुलिस प्रशासन आरोपियों से पूछताछ करने की हिम्मत भी नहीं जुटा पायी पीङित पिता ने जानकारी दी कि सपा सरकार में हत्या हुई थी इस घटना में कुछ नेताओं ने भी अपनी रोटियां सेंकी जिससे आज सरकार का बदलाव तो हो गया परंतु अभी भी पुत्र की हत्या के मामले में पिता को न्याय नहीं मिला न्याय पाने के लिए परिवार दर-दर भटक रहा।

प्राप्त जानकारी के आधार पर आपको बताया जा रहा है कि कोतवाली हसनगंज क्षेत्र के अंतर्गत नई सराय के पास वहद छोटा-खेड़ा के पास दिवंगत आशुतोष की 22/7/2016 को उन्नाव न्ययालय में 308 की तरीख थी तारीख करने के बाद मृतक आशुतोष घर पहुंचे | पिता से मिली जानकारी के अनुसार किसी व्यकित का फोन आया आशुतोष 3 बजे शाम को हसनगंज के लिए निकल पड़े रात 7 बज कर 40 मिनट पर मृतक के पिता माता प्रसाद ने फोन कर घर आने को कहा मृतक ने फोन पर कहा कि रस्तोगी ढाबे पर बैठा हूँ बस तुरन्त निकलता हूं उसके बाद 8 बजकर 15 मिनट पर नवाबगंज से लौट रहे क्षेत्ररीय विधायक मस्त राम  के भतीजे संजय को छोटा खेड़ा गांव के पास किसी व्यकित ने हाथ देकर गाड़ी रुकवा कर कहा कि कोई गाड़ी किसी व्यक्ति को यहां पर फेककर फरार हो गए है |

संजय ने गाड़ी से उतर कर देखा की ये तो क्षेत्ररीय अमर उजाला के पत्रकार आशुतोष है, इसकी जानकारी मृतक के घर वालों को दी जब तक घर वाले पहुंचते तब तक कोतवाल प्रभारी मनोज मिश्रा ने मृतक की बॉडी सड़क के किनारे पड़े पेड़ के पास डलवाने लगे तो वहा पर खड़े विधायक के भतीजे ने इसका विरोध किया | विरोध बढ़ता देखकर कोतवाल मनोज मिश्रा ने कहना शुरू कर दिया की ये तो एक्सीडेंट है जनता ने इसका भी विरोध कर उच्चाधिकारियों को बुलाने पर अड़ गए |

भीड़ देखकर कोतवाल मनोज मिश्रा ने कप्तान नेहा पाण्डेय को बुलाया कप्तान व एडीशनल हरदयाल मौके पर पहुँच कर मृतक की बॉडी देखकर कहने लगे की ये एक्सीटेंट नहीं है, ये तो मर्डर है क्योकि मृतक से 27 कदम दूर गाड़ी पड़ी थी जबकि मृतक हसनगंज से आ रहा था और गाड़ी विपरीत दिशा में पड़ी थी, मृतक के शरीर पर कोई भी चोट के निशान नहीं मिले केवल 3 इंच का कान के नीचे एक किसी नुकीली चीज से छेद किया गया था, मृतक के कपड़े  भी सही सलामत है, मृतक की गाड़ी पैशन प्रो में केवल हेड लाइट व बम्फर तोङा गया | बाकी गाड़ी सही सलामत थी मृतक के पिता ने गांव के ही अंजार आलम,सीयोब, पुत्रगण सब्बू, मोहसिन पुत्र तौकीर, मुईद, मुन्ना पुत्रगण फरीदुल, इकबाल, फरीदुल पुत्रगण ताहिर आदि सात लोगों के खिलाफ मामला 302 में दर्ज हुआ | लेकिन पूर्व सपा की सरकार में आरोपियों को संरक्षण मिला हुआ था और आज भी आरोपियों से पूछताछ भी नहीं हो सकी तथा 302 की फाइल दबा दी गयी | सरकार बदली तो फिर परिवार को न्याय की आस जागी जिससे
परिवार के सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष ह्दय नरायन दीक्षित से लेकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से न्याय की गुहार लगाई उसके बाद भी योगी सरकार में पिता को न्याय नहीं मिला |

जनपद में खुलेआम सातों अपराधी घूम रहे हैं जिससे चोरी, लूट, डकैती, हत्या, टप्पे बाजी जैसी घटनाओं में बाढ़ आ गई है पीङितों ने कहा कि पुलिस प्रशासन कब जागेगा, हमारी तरह के गरीब लोगों को कब न्याय मिलेगा ? पिता ने कहा कि जिले के नेता कह रहे थे हम न्याय दिलायेगें क्योंकि उस समय चुनाव की घोषणा हो चुकी थी, उसके बाद से नेता व अधिकारियों तथा विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नरायन दीक्षित व उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तक लिखित शिकायत की उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है पूर्व सरकार की तरह योगी सरकार में भी दर-दर भटकना पङ रहा |

रिपोर्ट- जितेंद्र गौड़

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