उन्नाव में अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से हुई जच्चा की मौत, आये दिन होती रहती हैं ऐसी घटनाएँ

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प्रतीकात्मक

सफीपुर/उन्नाव(ब्यूरो)- स्थानीय सी एच सी के महिला अस्पताल में चिकित्सक न होने के कारण प्रूसूताओ की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है| आज एक और जच्चा को स्टाफ नर्स ने एनीमिक बताकर रिफर कर दिया| एम्बुलेंस द्वारा जाने से पहले ही उसने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया पर रास्ते में ही उसकी मौत हो गई जबकि दोनों बच्चे जीवित है| एक माह के अंदर ही पहले भी जच्चा बच्चा की मौत हो चुकी है ।

कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जमालनगर निवासी गोरेलाल ने पत्नी हिना 35 को सुबह सात बजकर पैतालीस मिनट में स्थानीय सी एच सी में भर्ती कराया| चिकित्सक की अनुपस्थिति में स्टाफ नर्स ने देख उसे तत्काल एनीमिक कह कर जिला अस्पताल के लिए रिफर कर दिया पर वह रिफर कागज़ात बना ही रही थी कि आठ बजे हिना ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया| परिजन उसे लेकर आननफानन 102 एम्बुलेंस से उन्नाव ले ही जा रहे थे कि जच्चा हिना की मौत रास्ते में ही मौत हो गई जबकि जन्मे दोनों बच्चे स्वस्थ है ।

हिना की मौत से घर में कोहराम मच गया पहले ही उसके छोटे छोटे चार बच्चे और अब यह जन्मे दो बच्चे बिन माँ के हो गए। अस्पताल में महिला चिकित्सक न रहने से अभी कितनी मौत होगी यह समय के गर्भ में है| गत 17 अप्रैल को ग्राम कुसैला निवासी पम्मी को भी एनीमिक बताकर रिफर कर दिया गया था, जिसकी भी मौत हो गई थी| वही 19 अप्रैल को ग्राम ओसिया निवासी विकलांग रूबी को भी स्टाफ नर्सो ने भर्ती करने से मना किया था, तब उसने अस्पताल प्रांगण में ही जमीन पर बच्चे को जन्म दिया था। पूर्व में हुई घटनाओ को विधायक बम्बालाल, प्रदेशीय अधिकारियो ने मामले को गम्भीरता से लिया था जिस पर तीन महिला चिकित्सक और दो नर्सो के विरुद्ध कार्यवाही भी हुई थी।

प्रभारी चिकित्साधिकारी राजेश वर्मा सतल्प के अनुसार खून की कमी होने के कारण उसे रिफर किया गया था।

रिपोर्ट- रामजी गुप्ता 

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