असमय बारिश और ओलो की मार ने किसानो को बच्चे तक बेचने को मजबूर कर दिया

0
235

देश असमय बारिश और ओलो की मार झेल रहा है , मध्य  प्रदेश में हालात बहुत ही बुरे हैं इस साल राज्य में करीब 1.4 मिलियन एकड़ कृषि बर्बाद हो गयी इस आपदा ने मध्य प्रदेश के किसान पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं

स्थिति इतनी ख़राब हो गयी है कि कुछ किसान बढ़ते हुए क़र्ज़ से मजबूर होकर अपने बच्चों को बेच रहें हैं, प्रकृति की मार और सरकार के झूठे वादों ने  किसानो को 25,000 – 40,000 में अपने बच्चों को बेचने पर मजबूर कर दिया है।
किसानो का कहना है कि हम जानते जानते हैं की यह गैरकानूनी है लेकिन हम ऐसा करने को मजबूर हैं, एक किसान न 35,000. रुपयों के लिए अपने दो बेटों को एक गडरिये को बेच दिया और पूछे जाने पर बोला ” मै क़र्ज़ चूका पाने की हालत में नही था, घर चलाने और नई फसल बोन के लिए मुझे पैसों की ज़रूरत थी” किसान की पत्नी ने बताय ” अपने बच्चों को बेचना आसान नही था पर उन्हें घर पर रख कर भूखे मरते भी नही देख सकते थे, अगर हम ऐसा नही करते तो दूसरे किसानो की तरह हमे भी आत्महत्या करनी पड़ती। “
                                            images (2)
सरकारी और गैर सरकारी संस्थाएं क्षेत्र में बच्चों की तस्करी रोकने पर काम कर रही हैं। बेचे जाने के आठ महीनो के बाद उस किसान के बेटे बचाये गए पांच बच्चों में शामिल थे, अमित 11 और सुमित 12, अमित ने बताया ” उस दौरान हमारा काम भेड़ो की देख रेख करना था, गड़रिया हमें बिना बात डराता व पीटता था, हमें दो बार का खाना भी ठीक से नही मिलता था ” जबकि गडरिये के खिलाफ केस फाइल करके कार्यवाही की जा रही है।
लगातार बदलते मौसम और प्रकृति की मार ने किसानो को आत्महत्या और बच्चो के व्यापर के लिए मजबूर कर दिया है।  सरकार ने किसानो के लिए राहत राशि की घोषणा की है, लेकिन अगर लोगों की माने तो राहत किसान तक फूकने की प्रक्रिया बहुत लम्बी है, अधिकारी अभी कई जगहों पर हुए नुकसान की गणना कर रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here