कांग्रेस सरकार ने जिस आतंकी को छोड़ा था उसी ने करवाया पठानकोट एयर बेस पर हमला, अब मुश्किल में पड़ सकती है कांग्रेस

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दिल्ली – साल 2016 के पहले ही दिन जिस समय पूरा देश नए साल का स्वागत करने के लिए न्यू इयर का जश्न मना रहा था उस समय हमारे देश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले पठानकोट एयर बेस पर कुछ आतंकियों ने हमला कर दिया था | इस हमले में भारतीय सेना ने अपने 7 बहादुर जाबाजों को खो दिया था जबकि 3 दिन चले इस भयंकर इनकाउंटर में 4 आतंकियों को भी सेना ने मार गिराया था | इस आतंकी हमले के बाद मोदी सरकार की विपक्ष ने जमकर खिंचाई की थी लेकिन अब पठानकोट हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA ने जो खुलासा किया है उसे सुनकर कान्ग्रेस के होश उड़ जायेंगे |

2010 में कांग्रेस सरकार ने जिस आतंकी को छोड़ा था उसी ने करवाया पठानकोट एयरबेस पर हमला-
देश के प्रतिष्ठित अख़बार द टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक वर्ष 2010 में यूपीए की मनमोहन सरकार ने जिन आतंकियों को पाकिस्तान से केवल रिश्ते सुधारने के लिए छोड़ दिया था उन्ही में से एक ने पठानकोट एयर बेस पर हमला करवाया है | दरअसल आपको बता दें कि वर्ष 2010 में मनमोहन सिंह की सरकार में पाकिस्तान से रिश्ते सुधारने के लिए यूपीए सरकार ने लतीफ नामके एक आतंकी सहित कुल 25 आतंकियों को जेल से छोड़ दिया था | NIA ने अपनी जांच में खुलासा किया है कि इसी लतीफ ने पठानकोट हमला करवाया और इतना ही नहीं आतंकियों की पूरी ट्रेनिंग और साजो सामान की जिम्मेदारी भी लतीफ ने ही उठाई थी |

1999 में अटल बिहारी वाजपेई सरकार ने छोड़ने से कर दिया था मना-
बता दें कि 1999 में जब भारत के एयर इंडिया के विमान को आतंकियों ने हाइजैक कर लिया था और वे उसे कंधार लेकर चले गए थे तब भी आतंकियों ने इस लतीफ नाम के आतंकी को छुड़ाने की मांग रखी थी लेकिन तत्कालीन वाजपेई सरकार ने इन आतंकियों को छोड़ने से साफ़ मना कर दिया था | बदले में वाजपेई सरकार ने अपने नागरिकों के जान की रक्षा के लिए केवल तीन आतंकियों को ही छोड़ा था |

हिजबुल मुजाहिद्दीन, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को छोड़ दिया था यूपीए सरकार ने –
TOI की खबर के अनुसार लतीफ के साथ जिन 25 आतंकियों को मनमोहन सिंह की सरकार ने छोड़ दिया था उनमें से ज्यादातर आतंकी दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठनों से जुड़े हुए थे | जिनमें से कुछ लश्कर के, कुछ जैश-ए-मोहम्मद तो कुछ आतंकी हिजबुल मुजाहिद्दीन जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों से जुड़े हुए थे | इन आतंकियों को 28 मई 2010 को यूपीए सरकार ने जम्मू-कश्मीर, श्रीनगर, आगरा, वाराणसी, नैनी और तिहाड़ की जेलों से रिहा किया था |

इतना ही नहीं आतंकियों को कांग्रेस सरकार ने केवल रिहा ही किया था बल्कि उन्हें बाघा बॉर्डर के रास्ते सुरक्षित पाकिस्तान भी छोड़ दिया गया था | अब NIA के इस खुलासे के बाद संसद से लेकर सड़क तक कांग्रेस को जनता से सफाई देनी पड़ सकती है |

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