अकेले यूपी में है उतने लाइसेंसी असलहे जितने चीन, जापान, इंडोनेशिया और बांग्लादेश को मिलाकर भी नहीं है

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उत्तरप्रदेश में पुलिस के पास 2.25 लाख तो रसूखदारों के पास आत्मरक्षा के नाम पर 11.22 लाख लाइसेंसी असलहे हैं। बिना लाइसेंस वाले हथियारों का तो आंकड़ा भी सही-सही उपलब्ध नहीं है।यह चौंकाने वाली रिपोर्ट है भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ की। यूपी सरकार ने हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद आईआईएम के प्रोफेसर रहे डॉ. हिमांशु राय से यह अध्ययन करवाया। इस रिपोर्ट को हाईकोर्ट को सौंपा दिया गया है।

आपको ये जानकर हैरानी होगी कि 20 करोड़ की आबादी वाले यूपी में 11.22 लाख लाइसेंसी असलहे हैं। वहीं 136 करोड़ की आबादी वाले चीनियों के पास केवल 6.8 लाख असलहे हैं। 25 करोड़ की आबादी वाले इंडोनेशिया में 34 हजार लाइसेंसी असलहे हैं। 16 करोड़ की आबादी वाले बांग्लादेश के पास 1.85 लाख और 12 करोड़ की आबादी वाले जापान के पास 4.13 लाख लाइसेंसी असलहा है।
यह जुनून इस कदर हावी है कि देश में मौजूद 63 लाख असलहों में से 11 लाख से अधिक अकेले प्रदेश में है।
आईआईएम लखनऊ के प्रो. हिमांशु राय अपनी रिपोर्ट में बताते हैं कि देश में सर्वाधिक लाइसेंसी गन रखने वाले नागरिकों वाले शहरों की सूची में तीनों टॉप स्थान यूपी के शहरों के हैं।

लखनऊ 48 हजार के आंकड़े के साथ सबसे ऊपर है। यहां तो लाइसेंस के 50 हजार नए आवेदन भी लंबित हैं। इसके बाद बरेली (46 हजार लाइसेंसी हथियार) और आगरा (43 हजार लाइसेंसी हथियार) हैं।

लाइसेंस देने के लिए निर्देश –
1. राइफल एक असॉल्ट वेपन या हमला करने में उपयोग होने वाला असलहा है। इसका और लंबी बैरल वाली गन का लाइसेंस किसी को न दिया जाए।
2. आत्मरक्षा के लिए कम कैलिबर की बंदूकें दी जा सकती हैं, जिनसे किसी की मौत न हो, लेकिन सुरक्षा संभव हो।
3. लाइसेंस रखने वालों पर पुलिस गहन निगरानी रखे।
4. निकटवर्ती पुलिस स्टेशनों में लाइसेंसों की समय-समय पर जांच हो, ताकि उनका दुरुपयोग रुके।
5. नागरिकों को दिए असलहों की संख्या पुलिस के पास उपलब्ध असलहों की संख्या से कभी अधिक न हो।

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