उत्तराखंड बनेगा देश में किसानों की फसलों के लिए ई-ट्रेडिंग शुरू करने वाला दूसरा राज्य

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भारत में कर्नाटक के बाद अब उत्तराखंड के किसान ई-ट्रेडिंग के माध्यम से अपनी फसलें बेंच सकेंगे, इससे वे मंडी में बेहतर मूल्य का लाभ उठा सकेंगे। हरिद्वार की कृषि उत्पादन मंडी समिति में इसके लिए सोमवार से तैयारियां प्रारंभ हो रही हैं। 15 दिन के अंदर वेबसाइट की शुरुवात हो जाएगी, प्रदेश में 19 मंडियां इस योजना से जुड़ेंगी। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान जयपुर द्वारा प्रत्येक राज्य के मंडी प्रतिनिधियों को पांच दिन का प्रशिक्षण दिया गया है। मंडी की वेबसाइट के माध्यम से किसान उपज को प्रसारित किया जाएगा। अन्य मंडी में बैठे व्यापारी वहीं से उसका दाम लगाएंगे। उचित दाम मिलने पर किसान उसे बेच सकेंगे । स्थानीय मंडी समिति संबंधित व्यापारी से सुविधा शुल्क लेकर उपज को उसके बताए स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था करेगी।

हरिद्वार का किसान अभी तक अपनी उपज स्थानीय मंडी में ही बेच सकता था। अन्य मंडियों में जाने पर ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ जाता था। लेकिन अब हरिद्वार मंडी में ही अपनी उपज लेकर आएगा और यहां से ई ट्रेडिंग के माध्यम से प्रदेश की किसी भी मंडी में उसे बेच सकेगा।
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संजय चोपड़ा, सभापति हरिद्वार कृषि उत्पादन मंडी समिति ने कहा “अब प्रदेश की सभी मंडियां किसानों को आनलाइन मार्केटिंग ई ट्रेडिंग उपलब्ध कराएंगी। प्रदेश में 19 मंडियां इस योजना से जुड़ेंगी। हरिद्वार की चावल, फूल, गेहूं, आम और अन्य फसलों को बेचने के लिए किसानों को अन्य मंडियों का विकल्प भी मिलेगा। इसी तरह पहाड़ की किसी भी नजदीकी मंडी में जाने के बाद वहां का किसान अपनी राजमा, सेब, माल्टा, अखरोट और नाशपाती आदि को किसी अन्य मंडी में बैठे व्यापारी को बेच सकता है। इससे किसानों को अपनी फसल का उचित दाम मिलेगा।

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