वाराणसी में लगा ‘परिवार विकास मेला’, दी गयी परिवार नियोजन की जानकारी

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वाराणसी (ब्यूरो)- पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में गुरूवार को जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा (11 जुलाई से 24 जुलाई) के अंतर्गत परिवार विकास मेले का आयोजन किया गया। जिसमे अस्पताल और परिवार कल्याण विभाग के साथ साथ परिवार नियोजन में सहयोग करने वाली संस्थाओं ने अपने अपने स्टाल लगाए और लोगों नियोजन के फायदों से रूबरू करवाया। इस मेले का उदघाटन जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने किया। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन से पुनीत कार्य आज कोई नहीं है। आज के समय में जनसंख्या का सिमित होना अतिआवश्यक है।

जनसंख्या का सीमीत होना बहुत बड़ी आवश्यकता-
इस मेले का उद्घाटन करते हुए जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने कहा कि जनसंख्या का सीमीत होना एक बहुत बड़ी आवश्यकता है। वर्तमान युग में बहुत से गैर पारम्परिक दवाओं और उपकरणों के माध्यम से जनसंख्या नियंत्रण में प्रभावी तरीकों का प्रचार प्रसार, पुरुष और महिला नसबंदी के बारे में लोगों को बताया जाए और यह बात हर व्यक्ति तक पहुंचाई जाए की कम जनसंख्या ही विकास के लिए और सुखी परिवार के लिए आवश्यक है। इसी चीज़ के प्रचार प्रसार के लिए यह आयोजन यहां आज किया गया है।

स्वयंसेवी संगठन भी हैं मौजूद-
जिलाधिकारी ने बताया कि इस मेले में वो सामाजिक संस्थान भी शामिल हैं जो जनसंख्या नियंत्राण के बारे में कार्य करती हैं और स्वास्थ्य महकमे की मदद करती हैं। इस मेले का मुख्य उद्देश्य यह है कि जन जन तक यह बात पहुंचाई जाए की जनसंख्या नियंत्रण एक पुनीत कार्य है। उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन के साथ साथ इस मेले में तम्बाकू नियंत्रण केंद्र ने भी अपना स्टाल लगाया है।

मां बाप का लाते लाते बच्चों को लगती है तम्बाकू की लत-
तम्बाकू की लत कई बच्चों में शौकिया लगती है। जिसका मुख्य कारण है मां बाप का तम्बाकू का लती होना। बच्चे इनका लेकर आते हैं और धीरे धीरे खाने लगते हैं। उक्त बातें तम्बाकू नियंत्रण केंद्र के स्टाल पर मौजूद डॉ अजय श्रीवास्तव ने बताई। उन्होंने बताया कि कुछ लोग बहाना बनाते हैं कि पेट साफ़ नहीं रहता इसलिए खाना पड़ता। यह खुद को बहकावे में रखने जैसा है। शहर के जिला अस्पताल में तम्बाकू नियंत्रण केंद्र खुला है और यहां तम्बाकू छुड़वाने के लिए निकोटेक्स नामक च्यूंगम मुफ्त दी जाती है मरीज़ की काउंसलिंग करके।

सबसे ज़्यादा कैंसर तम्बाकू से-
डॉ अजय श्रीवास्तव ने बताया कि देश में कैंसर से मरने वालों में 90 प्रतिशत मुंह के कैंसर से मरते हैं। जिनमे 95 प्रतिशत तम्बाकू के सेवन के कारण से होते हैं। उन्होंने बताया कि एड्स से ज़्यादा लोग तम्बाकू के सेवन से काल के गाल में समा जाते हैं।

रिपोर्ट- सर्वेश कुमार

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