वाराणसी रोडवेज बसों में महिलाओं से की छेड़छाड़ तो नहीं बच पायेंगे अपराधी- परिवहन विभाग

प्रतीकात्मक फोटो

वाराणसी (ब्यूरो)- अब रोडवेज बसों में महिलाएं पूरी तरह सुरक्षा के साथ यात्रा कर सकेंगी। कोई उनसे छेड़खानी करने की जहमत भी नहीं उठा पाएगा। इसके पुख्ता इंतजाम उत्तर प्रदेश परिवहन निगम कर रहा है। व्यवस्था के तहत बहु स्तरीय कदम उठाए जा रहे हैं। मसलन बसों की सीट पर एक ऐसा बटन होगा जिसके दबते ही ‘बचाओ-बचाओ’ गूंजने लगेगा। यही नहीं चार जगहों पर एक साथ डिस्ट्रेस कॉल पहुंचेगी और लोकेशन के साथ बस के अंदर का दृश्य भी सामने होगा।

पुलिस इसे सबूत के तौर पर प्रयोग कर सकेगी। रोडवेज के वाराणसी परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक पी के तिवारी ने बताया कि रोडवेज बसों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत बसों की सीट की प्रत्येक रो में एक पैनिक बटन लगाया जाएगा। यह बटन ब्लू ट्रुथ के मार्फत इंटरनेट प्रोटोकाल (आइपी) कंट्रोलर से जुड़ा होगा। पैनिक बटन दबते ही उस सीट के उपर लगा लाल रंग का बल्ब जल जाएगा। साथ ही ‘बचाओ-बचाओ’ की तेज आवाज गूंजने लगेगी। आवाज इतनी तेज होगी कि बसे के अंदर तो सुनाई देगी ही साथ में बाहर भी सुनाई देगी ताकि किसी दुर्घटना के वक्त बस के समीप से गुजरने वाले भी सुन सकें और पीड़ित की मदद को फौरन पहुंच सकें।

उन्होंने बताया कि बस के अंदर होने वाली हर एक्टिविटी पर नजर रखने के लिए तीन पीटीजेड (पैन टिल्ट जूम) कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे बस के अगले, पिछले व बीच के हिस्से में होंगे। ये कैमरे 180 डिग्री तथा ऊपर-नीचे भी 45 डिग्री तक घूम सकेंगे। इन कैमरों की रिकॉर्डिंग के लिए डीवीआर होगा। डीवीआर में सामान्य रिकॉर्डिंग सुरक्षित रहेगी, पर पैनिक बटन दबने की स्थिति में यह आइपी कंट्रोलर, रिकार्डिंग को खुद ब खुद कंट्रोल रूम भेज देगा। क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि दिल्ली के ‘निर्भया’ कांड के मद्देनजर लंबी कवायाद के बाद यह सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसे प्लान ‘त्रिनेत्र’ नाम दिया गया है। यह त्रिस्तरीय सुरक्षा प्लान लागू होने पर बस में महिलाओं के साथ छेड़ छाड़ की कोशिश महंगी पड़ेगी।

बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए परिवहन निगम में खास तौर पर आदिशक्ति फोर्स का गठन किया जाएगा। इसका अलग कंट्रोल रुम होगा। इसके जरिए रोडवेज बसों की निगरानी होगी। बसों में लगे पैनिक बटन के दबते ही आइपी कंट्रोलर के जरिए आदिशक्ति कंट्रोल रूम के साथ परिवहन निगम के इंटरसेप्टर वाहन और डायल 100 पर डिस्ट्रेस कॉल पहुंचेगी। बस में लगे जीपीएस सिस्टम से नंबर और लोकेशन के साथ बस में हुई घटना के दृश्य सामने होने पर त्वरित कार्रवाई हो सकेगी। पहले चरण में लंबी दूरी की बसों में और इसके बाद सामान्य बसों में भी सुरक्षा प्लान लागू किया जाएगा। वाराणसी रीजन में चल रही 642 में लंबी दूर की सौ से ज्यादा बसे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here