वाराणसी की कछुआ सेंचुरी अवैध, जल्द होगी शिफ्ट

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प्रतीकात्मक

वाराणसी(ब्यूरो)- गंगा के उसपार काशी में आठ किलोमीटर क्षेत्र में बनायीं गयी कछुआ सेंचुरी अवैध है। केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने इसका डी नोटिफिकेशन कर दिया है। यहां की कछुआ सेंचुरी पुरे बनारस को संकट में डाल सकती है। उक्त बातें केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने वाराणसी में बोट से गंगा का भ्रमण करने के बाद मीडिया से बात करते हुए कही। उन्होंने यह भी कहा कि अस्सी और नगवा के मध्य एक आधुनिक रिवर फ्रंट शीघ्र बनाया जाएगा।

गंगा निर्मल अभियान का अगले साल आएगा रिज़ल्ट

शुक्रवार को काशी आयी केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने शनिवार की सुबह आदि केशव घाट से गंगा का मुआयना किया। आदि केशव घाट से नगवा घाट तक मुआयना करने के बाद मीडिया से बात करते हुए उमा भारती ने कहा कि गंगा के काम में तेजी आ गयी है। गंगा सागर से गंगा के निरिक्षण का कार्य प्रारम्भ किया है। सात जुलाई 2016 से गंगा निर्मल अभियान के फेज वन का प्रारंभ हो गया था। अगस्त 2018 तक उसके रिजल्ट दिखेंगे।

कछुआ सेंचुरी अवैध

वाराणसी में बनायीं गयी कछुआ सेंचुरी अवैध है। केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने इसका डी मोडिफिकेशन कर दिया है। उमा भारती ने कहा कि राज्य ने जिस समय कछुआ सेंचुरी को बनाया वह किस मकसद से बनाया यह साफ़ नहीं है। कछुओ को बचाना बहुत जरुरी है लेकिन यहां कछुआ सेंचुरी जरुरी नहीं थी क्योकि इससे घाटो को नुकसान हो रहा है।

शूलटंकेश्वर में बन सकती है वृहद् कछुआ सेंचुरी

केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि हम इससे बड़ी कछुआ सेंचुरी नोटीफ़ाई करेंगे। गंगा के किनारे ग्राम सभाओ की जो जमीन पड़ी है उसे लेकर बड़ी कछुआ सेंचुरी बनाने कि योजना है। शूल टंकेश्वर में भी ग्राम सभा कि जमीन पड़ी है। गंगा के तट से सटी जगह पर ही बनेगी।

मौजूदा कछुआ सेंचुरी बनारस को डाल सकती है संकट में

उमा भारती ने कहा कि यहां की कछुआ सेंचुरी पुरे बनारस को ही संकट में डाल सकती है। उमा भारती ने कहा कि हम तो तीन वर्ष पहले से ही कार्यवाही कर रहे थे लेकिन पिछली राज्य सरकार के साथ सामंजस्य नहीं बन पा रहा था। अब यह तय हुआ है कि हम अब इस कछुआ सेंचुरी को शिफ्ट करेंगे। हम इसको रद्द नहीं कर रहे है , शिफ्ट कर रहे है और इससे बेहतर जगह पर इसको शिफ्ट करेंगे। मै तो आज से ही मानकर चल रही हु कि यह शिफ्ट हो गयी। इस कछुआ सेंचुरी का रहना वाराणसी को संकट में डाल सकता है |

वरुणा और अस्सी के बीच होगा प्लान्टेशन

वरुणा और अस्सी को स्वच्छ करने के लिए प्लान्टेशन का काम नेहरू युवा केंद्र के द्वारा कराया जाएगा। माननीय प्रधानमंत्री जी ने गंगा का और सशक्तिकरण किया है। पिछले साल तक गंगा एक सोसायटी थी अब गंगा एक अथारिटी में कन्वर्ट हो गयी है। गंगा के लिए शीघ्र एक्ट आ रहा है। जस्टिस मालवीय कि कमेटी ने एक्ट का ड्राफ्ट बना कर दे दिया है। मंत्रालय में विचाराधीन है गंगा के सारे प्रोजेक्ट सम्मिट हो गए है।

गंगा में पानी के लिए नहरों के पानी में होगी कटौती

गंगा में पानी की कमी पर उमा भारती ने कहा कि हमें सिचाई के लिए जाने वाली नहरों के पानी को नए तरीके से करना पडेगा। नए तरीके की प्रणाली से चालीस प्रतिशत पानी बचाया जा सकता है। आधुनिक प्रणाली शीघ्र लागू किया जाएगा। इस सन्दर्भ में किसानो से , विशेषज्ञों से के साथ राज्य सरकारों से बात होगी। नरौरा से भीम गौड़ा से हथिनी कुण्ड से निकालने वाले पानी को बचाया जाना ही लांग टर्म सल्यूशन है।

अस्सी और नगवा के बीच आधुनिक रिवर फ्रंट

उमा भारती ने कहा कि अस्सी से आगे और नगवा के बीच एक आधुनिक रिवर फ्रंट बनाने कि योजना है। शीघ्र उसका काम शुरू होगा। घाटो के किनारे और शौचालय कि आवश्यकता है , शीघ्र ही नए शौचालय बनाये जायेंगे | घाटो के साथ कोई छेड़खानी नहीं कि जाएगी | मोदी जी का निर्मल गंगा अविरल गंगा का वायदा उमा भारती पूरा करेंगी। उमा भारती ने कहा कि जो नुक्सान हो गया है उसको हम ठीक कर लेंगे। उमा भारती ने कहा कि वाईल्ड लाईफ की रिपोर्ट में गंगा में मछलियों और डालफिन की संख्या बढ़ी है।

रिपोर्ट-सर्वेश कुमार यादव

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