गुरुपूर्णिमा पर्व पर पूजन के साथ विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम धूमधाम से मनाया

बलिया(ब्यूरो)- संत उड़िया बाबा विश्व कल्याण संस्थान के तत्वाधान में योगिडीह स्थित दुर्गा मंदिर में गुरुपूर्णिमा पर्व पर पूजन के साथ विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया। स्वामी परमेश्वरानंद सरस्वती महाराज उड़िया बाबा के पूजन हेतु श्रद्धालुओ का तांता लगा रहा।

इस अवसर पर गुरु की महत्ता पर अपने आशीर्वचन में प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु व शिष्य का संबंध अनादि काल से है।जिसके शरीर में विकार नही है वह गंगाजल की तरह पवित्र है। उत्तम सुकर्म करेंगे तो गुरु के शरण में रहेंगे। सेवा करेंगे तो निश्चित कल्याण होगा। समर्पित रूप से गुरु के शरण में रहना चाहिए। पाप की गठरी ढोने से गुरु नही मिलता बल्कि ज्ञान की गठरी से गुरु मिलते है।

इसके लिए वैराग् तपस्या होना चाहिए।गुरु शिष्य के संबंध में भेद नही होता ,भेद होगा तो गुरु शिष्य का संबंध नही होगा। धर्म पथ पर चलने के लिए गुरु के द्वारा कही गयी बात पर जो नही चलता सीधे नरक का भागी होता है।

गुरु तत्व को जानना पड़ेगा, उसको जानने के लिए भक्त, पंडित, दास, प्रेमी बनना होगा तभी उस तत्व को जान पायेगा जिसका हृदय स्वच्छ तथा मन निर्मल है । गुरु पर भरोसा है उस तत्व को जान सकता है। जिसका हृदय निर्मल नही है गुरु भक्ति नही कर सकता । गुरु परम दयालु होते है। अज्ञानता दूर करने के लिए धर्म को जानना पड़ेगा।

जिस प्रकार जल को छानकर पीने से शुद्ध जल मिलता है उसी प्रकार बुद्धि, विवेक व ज्ञान भी छननी बनकर सतोगुण का कार्य करने में धर्म का रास्ता मिलेगा, अंधकार में नही जाएंगे। गुरु अंधकार दूर करकर प्रकाश देता है। दुष्ट शिष्य बन जाये तो हमेशा दुख देगा। अच्छा शिष्य सुख देता है। मद, लोभ, क्रोध, वैमनस्यता मनुष्य में अज्ञानता से होता है। गुरु सत्मार्ग बताता है। गुरु के सानिध्य में ही कल्याण होगा। बिना गुरु के ज्ञान की प्राप्ति नही हो सकती।

इस अवसर पर अयोजित भजन संध्या में राजकुमार मिश्र, रवि मिश्रा, मोती पटेल, अंजनी गुप्ता ने भजन गीतों से सबको भाव विभोर कर दिया। दुर्गा मन्दिर में दर्शनार्थियों की भीड़ रही।

इस अवसर पर भव्य भंडारा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुवो ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन घनश्याम सिंह ने किया। इसमे सौरभ कुमार, डॉ संतोष, सुधीर लाल, गोपाल जी चितेरा, घनश्याम सिंह, संजय गुप्ता, विंध्याचल सिंह, नाल बाबा, हरेराम दुबे, लल्लन गुप्ता, मोहन, अशोक, सुधीर सिंह, मुन्ना सिंह, डॉ विनय सिंह, आदित्य, अंशु आदि रहे।सं चालन भोला प्रसाद आग्नेय ने किया।

 

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