अदालत से पारित वाहन रिलीज आदेश को धता बता बगैर वाहन दिए ही लौटाया

0
88
प्रतीकात्मक

(सुल्तानपुर ब्यूरो) : हमेशा ही अपने अजीबोगरीब कारनामे से चर्चित रहे कोतवाल आजाद सिंह केसरी फिर अपनी कार्यशैली से चर्चा में आ गए है। इस बार उन्होंने अदालत से पारित वाहन रिलीज आदेश को ही धता बता दिया और वाहन स्वामी से आदेश को ही फर्जी बताते हुए बगैर वाहन दिए ही लौटा दिया। इस प्रकरण पर न्यायाधीश दुर्गेश पाण्डेय ने संज्ञान लेते हुए उन्होंने व्यक्तिगत रूप से आगामी 15 मार्च को तलब किया है।

मामला कोतवाली देहात थानाक्षेत्र से जुड़ा हुआ है। जहां पर सूरत के रहने वाले वाहन स्वामी सुरेन्द्र सिंह की सफारी गाड़ी (जीजे 05 जेडी 3366) निरूद्ध है। इसी वाहन को रिलीज कराने के लिए सुरेन्द्र सिंह की तरफ से एसीजेएम प्रथम की अदालत में अर्जी पड़ी और अदालत ने वाहन स्वामी के पक्ष में सफारी गाड़ी रिलीज करने का आदेश दिया, लेकिन पुलिस है कि यह आदेश मानने को तैयार नहीं है। सुरेन्द्र सिंह के अधिवक्ता आशुतोष सिंह के जरिये अदालत में दी गई अर्जी के मुताबिक थानाध्यक्ष आजाद सिंह केसरी ने रिलीज आदेश एवं कोर्ट को ही फ र्जी बताते हुए वाहन सुपुर्द करने से मना कर दिया। एसीजेएम दुर्गेश पाण्डेय ने प्रकरण को गम्भीरता से लेते हुए आगामी 15 मार्च को व्यक्तिगत रूप से आजाद सिंह केसरी को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा है। आजाद सिंह केसरी का यह कारनामा नया नहीं है, इसके पहले भी वे कूरेभार व कोतवाली नगर में तैनाती के दौरान अपने कार्य व्यवहार के चलते चर्चा में आ चुके है। जिनके लिए पुलिस महकमें पर यह सब आरोप लगवाने की बात आम हो गई है।

रिपोर्ट – संतोष यादव

हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here