गैंगवार के बाद झुग्गी-झोपड़ियों में चला सत्यापन अभियान

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देहरादून (ब्यूरो)- झुग्गी-झोपड़ियों में सत्यापन अभियान चलाकर अपनी पीठ थपथपा लेने वाली दून पुलिस रुड़की गैंगवार के बाद कुछ गंभीर नजर आ रही है। लिहाजा अब पुलिस शहर की उन पॉश कॉलोनियों, मोहल्लों में भी किरायेदारों के सत्यापन का अभियान चलाएगी, जहां अभी तक पुलिस जाने से कतराती या सुस्ती बरतती आई है। इसके लिए एसएसपी की ओर से शहर के थानों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

यह कोई पहली बार नहीं है, जब किरायेदारों के सत्यापन को लेकर पुलिस की किरकिरी हुई है। इससे पहले भी कई बार ऐसे वाकये सामने आए, जिसमें अन्य प्रांतों के शातिर अपराधी दून में महीनों से ठिकाना बनाकर अपने मंसूबे को पूरा कर चले गए। इसका पता पुलिस को घटना के बाद चला तो पुलिस के पास अपनी कमी छिपाने के लिए तरह-तरह के बहाने बनाने के अलावा कोई उपाय नहीं बचा। बीते एक साल के दौरान नवंबर में हुए बहुचर्चित नाभा जेल ब्रेक कांड के आरोपी देहरादून के डांडा लखौंड और अमन विहार में छह महीने से रह रहे थे। मगर इसकी पुलिस को भनक तक नहीं लग पाई। चौंकाने वाली बात यह रही कि इन दोनों ठिकानों पर खालिस्तानी आतंकियों को छुड़ाने की योजना पर आरोपियों की कई चक्र की मीटिंग भी हुई, लेकिन पुलिस इन स्थानों पर भूले से नहीं पहुंची।

मामला तब खुला, जब आरोपी पकड़े गए और उनसे सख्ती से पूछताछ की गई। वहीं, बीते जून में रायपुर से ही झारखंड का इनामी गैंगस्टर पकड़ा गया था, जो यहां दो साल से अधिक समय से रह रहा था। वहीं अब रुड़की गैंगवार के आरोपियों का डेढ़ माह से अधिक समय से रेसकोर्स वैली के एक फ्लैट में रहने का मामला बताने को काफी है कि पुलिस सत्यापन को लेकर सिर्फ कोरम ही पूरा करती है।

गार्डो का भी होगा सत्यापन
पॉश कॉलोनियों के अपार्टमेंट में ड्यूटी करने वाले निजी कंपनियों के सुरक्षा गार्डो का भी पुलिस अब सत्यापन करेगी। साथ ही उनके मोबाइल नंबर भी संबंधित थानों और चौकियों में रखे जाएंगे, ताकि किसी तरह की अप्रत्याशित स्थिति उत्पन्न होने पर तुरंत उनसे संपर्क कर ब्योरा हासिल किया जा सके।

पकड़ी जा चुकी हैं विदेशी महिलाएं
दो माह पूर्व पटेलनगर के एक स्पा सेंटर से दो विदेशी युवतियां पकड़ी गई थीं। यह युवतियां सत्यापन तो दूर वीजा नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए ठहरी हुई थीं। गंभीर तो यह कि इलाके के ऐसी कॉलोनी में रहती थीं, जहां पुलिस पिछले महीनों में सत्यापन अभियान भी चला चुकी थी।

शहर की पॉश कॉलोनियों में अब अनिवार्य रूप से सत्यापन करने के निर्देश शहर के सभी थानेदारों को दिए गए हैं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न किए जाने की भी हिदायत दी गई है।
निवेदिता कुकरेती, एसएसपी

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