खुले मंच पर विधायक ने खोली अफसरों की पोल..

लम्भुआ/सुल्तानपुर (ब्यूरो)- भाजपा विधायक देवमणि दूबे ने बुधवार को एक सरकारी आयोजन में महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। पहले तो बिजली आपूर्ति में दिक्कत की बात स्वीकार की।बाद में उन्होंने राजस्व, खाद्य रसद, ब्लॉक और अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार के मामले का जिक्र किया। उन्होंने अफसरों से सुधार लाने की अपेक्षा की। इस मौके पर जिले और तहसील के अलावा बैंक के अफसर भी मौजूद रहे। विधायक के बोल से अफसर भी असहज दिखे।विधायक की इस साफगोई को मौजूद किसानों ने बड़े ही धैर्य के साथ सुना।

मौका था स्थानीय सर्वोदय इंटर कॉलेज में उत्तर प्रदेश फसल ऋण मोचन योजना समारोह का। बतौर मुख्य अतिथि विधायक दूबे ने कहा कि 85 फीसदी किसान सिर्फ खेती पर ही आधारित हैं। उन्हें परिवार के भरण पोषण के लिये खासी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। उनके कर्ज माफी के संकल्प को सूबे की सरकार ने पूरा किया है। विधायक ने आधार की अनिवार्यता का जिक्र करते हुये कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अब आधार आधारित होता जा रहा है। उन्होंने ऋण मोचन योजना की प्रशंसा करते हुये कहा कि इसमें कही से कोई वाजिब शिकायत नही मिली है।

इसके बाद उन्होंने खुले मंच से बिजली की दुर्व्यस्था का जिक्र किया।साथ ही अपने प्रयास की बात बतायी। कहा कि महकमें के चीफ इंजीनियर हर्ष मुंशी से सीधे तौर पर लम्भुआ क्षेत्र की बिजली व्यवस्था देखने को कहा है। उन्होंने भदैया, पाण्डेयपुर और कोइरीपुर के नये उपकेन्द्रों से शीघ्र आपूर्ति शुरू करवाने का वादा किया। इसके बाद तो विधायक ने सीधे तौर पर सरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। राजस्व महकमें में संक्रमणीय , वरासत, धारा 143 के लिये की जा रही धनउगाही की शिकायतों का जिक्र किया। खाद्य रसद महकमें में राशन कार्ड के मामले में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया तो अस्पतालों में प्रसूताओं से जबरन दवा खरीदवाने की भी शिकायत की बात कही। उन्होंने पेंशन, आवास और शौचालय में भी भ्रष्टाचार की शिकायतें आम होने को कहा। इतना ही नही जन सुविधा केंद्रों पर तय शुल्क का कई गुना वसूल किये जाने को भी अनुचित ठहराया।

सरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलने और विधायक के तेवर देखकर अफसर सन्न रह गये। उन्होंने अफसरों से काम मे पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन में सहयोग की भी बात कही। हालांकि विधायक के इस बयान से मौजूद अफसर खुद को काफी असहज महसूस करते दिखे। समारोह में मुख्य विकास अधिकारी राम यज्ञ मिश्र, मुख्य राजस्व अधिकारी राजकेश्वर सिंह, उपजिलाधिकारी सलिल कुमार पटेल, तहसीलदार संजीव कुमार शाक्य,पूर्ति निरीक्षक शिव कुमार मिश्र, खण्ड शिक्षा अधिकारी, बीडीओ समेत कई महकमों भी मौजूद रहे।

बदइंतजामी का शिकार हुये किसान-
समारोह में दो हजार किसानों को प्रमाण पत्र वितरित करने के लिये तैयारी की गई थी, पर मुख्य अतिथि के पहुँचने तक कुर्सियों पर स्लिप चिपकाने का काम चलता रहा।जिससे कड़ी धूप में किसान परेशान दिखे। लंच पैकेट के लिये भी किसानों में अफरा तफरी मची रही। कई स्थानों पर लंच वितरण में गड़बड़ी के कारण लोगों को परेशानी हुई। कड़ी धूप की वजह से खासी संख्या में लोग परेशान रहे। हालांकि समारोह में पानी के समुचित प्रबन्ध किये गये थे। मंच पर ही 10 – 10 कि संख्या में दो बार बड़े लाभार्थी किसानों को बुलाकर प्रमाण पत्र दिये गये। मंच पर भी किसानों को पहुँचने और वापस लौटने का एक ही रास्ता होने की वजह से दिक्कत हुई। कई बुजुर्ग किसानों को मंच से छलांग तक लगानी पड़ी।

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