मृत्यु दंड के पक्ष में नहीं हैं पूर्व राष्ट्रपति मिसाइल मैंन डाक्टर अब्दुल कलाम

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पूर्व राष्ट्रपति श्री अब्दुल कलाम (photo credit -wikipidea)
पूर्व राष्ट्रपति श्री अब्दुल कलाम (photo credit -wikipidea)

देश के पूर्व राष्ट्रपति और दुनिया भर में मिसाइल मैंन के नाम से मशहूर वैज्ञानिक डाक्टर ए.पी.जे. अब्दुल कलाम भी मृत्यु दंड को ख़त्म करने के पक्ष में हैं उन्होंने विधिआयोग को भेजे गये अपने सुझाव पत्र में इस बात का खुलासा किया हैं I

उन्होंने अपनी राय में कहा हैं कि जिस समय वह भारत के राष्ट्रपति (2002-2007) थे, उस समय इस तरह के मामलों को देखने में या फिर उस पर निर्णय लेने में उन्हें अत्यधिक तकलीफ से गुजरना पड़ता था I ज्ञात हो कि जिस वक्त यह महान वैज्ञानिक देश के राष्ट्रपति के पद पर आसीन थे उन्होंने केवल एक पश्चिम बंगाल के धनंजय चटर्जी के मृत्यु दंड की अर्जी को स्वीकृति दी थी I उन्होंने विधि आयोग से कहा हैं कि वह अपने द्वारा जारी की गयी पुरानी रिपोर्ट पर एक बार फिर से विचार करें जिसमें आयोग ने मृत्यु दंड को बहाल रखने की बात की हैं I

आपको बता देते हैं कि विधि आयोग ने जनता से यह प्रश्न पूछा था कि क्या मृत्यु दंड को समाप्त कर देना चाहिए या फिर उसे बरक़रार रखना चाहिए ? पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डाक्टर कलाम ने अपनी सलाह इसी प्रश्न के जवाब में विधि आयोग को दी हैं I आपको ज्ञात होना चाहिए की विधि आयोग ने अपनी 35वी रिपोर्ट में मृत्यु दंड की सिफारिश की थी I

आपको ज्ञात हो कि पिछले वर्ष भारत की सर्वोच्च न्यायालय ने देश में उन 15 लोगों की मृत्यु दंड को कम कर दिया था और साथ ही विधि आयोग से भी कहा था कि वह अपने मृत्यु दंड सम्बंधित प्रावधान को एक बार फिर देखें I

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