तो कई बड़े मगरमछ विजिलेंस के रड़ार पर हैं, कई महकमों के अधिकारी और मुलाजिम

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देहरादून : उत्तराखंड राज्य के कई महकमों में तैनात करीब पांच दर्जन से ज्यादा मुलाजिम और अफसरों की जायदाद शक के घेरे में हैं। सरकार से जांच की इजाजत मिलने के बाद विजलेंस आठ मामलों में फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी कर रही है। जबकि 15 मामलों की खुली जांच की जा रही है। ऐसे में विजिलेंस जल्द ही भ्रष्टाचार से जुड़े इन मामलों में बड़ी कार्रवाई कर सकती है।

उत्तराखंड में सरकारी विभागों एवं सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार रोकने के लिए बनाए गए विजिलेंस विभाग अब हरकत में आता दिख रहा है। 63 मामलों में विजिलेंस की जांच तेज हो गई है। विजिलेंस सूत्रों की मानें तो जांच के दायरे में बैंक खाते, प्रॉपर्टी एवं कारोबार पर लगाई गई रकम और अर्जित लाभ का हिसाब-किताब जोड़ा जा रहा है।

सूत्रों की माने तो भ्रष्टाचार से जुड़े 40 मामलों में गोपनीय जांच की जा रही है। इनमें लोगों ने लिखित और मौखिक रूप से सुबूत दिए गए हैं। जिसमें विजिलेंस की अलग-अलग टीमें अपने स्तर पर जांच कर रही है। इन मामलों में आरोपियों को जांच की भनक तक नहीं है। माना जा रहा है कि ऐसे मामलों में जांच अफसर पूरी गोपनीयता के साथ अपने स्तर पर सबूत जुटाने में लगी है। नई सरकार बनने के बाद भ्रष्टाचार से जुड़े इन मामलों पर बड़ी कार्रवाई की उम्मीद लगाई जा रही है।

विजिलेंस की रडार पर निम्न महकमों के वे अधिकारी और कर्मचारी हैं जिनके लाइफ स्टाइल में अचानक से बदलाव आया है। इन विभागों में एमडीडीए, नगर निगम, नगर पालिकाएं, बिजली विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, यूजेवीएनएल, समाज कल्याण विभाग, परिवहन विभाग और राजस्व विभाग समेत सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले कई संस्थान शामिल हैं।

डा. सदानंद दाते. एसएसपी, विजिलेंस
“भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामलों में सरकार से अनुमति मिलने के बाद जांच की जा रही है। सरकारी योजनाओं से अकूत संपत्ति जुटाने वाले भी विजिलेंस की नजर में हैं। अधिकांश मामलों में जांच जारी है। आम लोगों से भी भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कराने को सहयोग मांगा जा रहा है।”
रिपोर्ट- मो. शादाब
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