बेटी के जन्म पर मनाते हैं खुशियाँ साथ ही पौधे लगाकर करते हैं समाज का कल्याण

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http://mazinanipub.ir/priority/sdelayu-sam-derevyannuyu-lodku.html сделаю сам деревянную лодку राजस्थान के राजसमंद जिले का पिपलांत्री गांव न सिर्फ बेटियों को बचाने, बल्कि उनके बहाने चारों तरफ हरियाली से लबरेज माहौल पैदा करने की एक कामयाब मिसाल बन कर खड़ा है।

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बेटी के जन्म पर मनाते हैं खुशियाँ
बेटी के जन्म पर मनाते हैं खुशियाँ

http://goodmorningbilbao.com/mail/samsung-galaxy-5s-mini-harakteristiki.html samsung galaxy 5s mini характеристики पिपलांत्री में एक बेटी जन्म लेती है तो गांव के लोग एक सौ ग्यारह पेड़ लगाते हैं और उनके फलने-फूलने से लेकर देखरेख तक का पूरा इंतजाम करते हैं।
इस तरह बेटियों के प्रति यह स्वीकार-भाव पर्यावरण संरक्षण के अभियान का भी रूप ले चुका है।
नतीजतन पिछले छह साल में इस इलाके में ढाई लाख से ज्यादा पेड़ और उन्हें दीमक से बचाने के लिए इतनी ही संख्या में एलोवेरा यानी ग्वारपाठा के पेड़ लगाए जा चुके हैं।

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