ग्रामीणों ने लगाया राशन न देने का आरोप

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बछरावाँ/रायबरेली (ब्यूरो)- केंद्र सरकार तथा प्रदेश सरकार गरीबो के कल्याण के लिए अनेको तरह की योजनाएं संचालित कर रही है। खाद्य सुरक्षा कानून के तहत प्रत्येक गरीब को सस्ती दर पर अनाज मुहैया कराया जा रहा है। लेकिन पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार में पूरी तरह से बेलगाम हो चुके केचुवा रुपी कोटेदार सरकारी अनाज को मिटटी समझ डकारने में लगे हुए है।

ऐसा ही एक मामला विकासखंड की अमावां ग्राम पंचायत में सामने आया है। ग्राम पंचायत अमावां के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को संबोधित प्रार्थनापत्र खंडविकास अधिकारी को दिया है। ग्रामीणों ने दिए गए प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया है कि गांव में स्थित सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान गांव के ही निवासी देशराज यादव के नाम पिछले 35 वर्षों से है। इसी के चलते देशराज यादव निरंकुश हो गया है। जिससे वह किसी भी गांववासी को कुछ भी कह देता है। देशराज यादव महीने में 2 या 3 दिन से ज्यादा दुकान भी नही खोलता है और न ही राशन देता है। अगर कोई व्यक्ति राशनकार्ड के बारे में पूछता है तो गाली देने में देर नही लगाता है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि केरोसीन का तेल लेने जाते है तो आजकल करते हुए नही देता है। अगर देता भी है तो मनमाना पैसा वसूलते हुए घटतौली भी करता है। ग्रामीणों ने साथ ही यह भी आरोप लगाया कि देशराज यादव दबंग किस्म का व्यक्ति है तथा इसको पूर्व जनप्रतिनिधियों का संरक्षण प्राप्त है इसी लिए कोई इसका कुछ केर नही पाता है। ग्रामीणों ने शिकायती प्रार्थनापत्र के माध्यम से साशनसत्ता से गुहार लगाई है कि उक्त प्रकरण की जांच कराकर कोटा निरस्तकर चुनाव कराकर कोटे का आवंटन कराये। इस मौके पर कमलेश गिरी,सुमिरन यादव,रामसुमिरन,बाबू लाल,हीरा लाल,राम लाल,लल्लन सिंह,हरिपूजन,अनिल कुमारयादव सहित सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस प्रकरण में जब ग्राम प्रधान फूलमती ने बताया कि मामला हमारे संज्ञान में आया है। कोटेदार पर अतिशीघ्र कार्यवाही की जायेगी।

रिपोर्ट – राजेश यादव

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