ग्रामीणों को धमकाकर पुलिस ने छुड़वाए गोशाला के गोवंश, ग्रामीणों में आक्रोश

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बीघापुर (उन्नाव ब्यूरो) : तहसील क्षेत्र के मेहरवान खेड़ा गाँव में लगभग चार महीने से चल रही अस्थाई गौशाला में रह रहे सौ गोवंशों को बुधवार की शाम ग्रामीणों को धमकाकर पुलिस ने जबरन छुड़वा दिया। पुलिस के तानाशाही रवैया के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश है। छुड़वाए गए गोवंश गेहूं के खेतों में कटी व खड़ी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। ग्रामीणों ने घटना की शिकायत जिला अधिकारी व पुलिस कप्तान से करने की बात कही है।

क्षेत्र में झुंड के झुंड अन्ना घूम रहे गोवंशों द्वारा रबी की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा था तो मेहरबान खेड़ा गांव के ग्रामीणों ने एक अस्थाई गौशाला बनाकर 100 से अधिक पशुओं को उसमें रखा और जनवरी माह से लेकर अब तक उनके चारे व पानी पीने की व्यवस्था करते रहे हैं। इस व्यवस्था में अब तक ग्रामीणों ने जनसहयोग से एक लाख रुपए तक खर्च किया जा चुका है। बुधवार दोपहर बाद 100 नंबर की गाड़ी से आई पुलिस ने मौजूद ग्रामीणों को धमकाया कि वह गौवंशों को कैदकर कानून को हाथ में ले रहे हैं अगर गोवंश मरते हैं तो उन पर केस दर्ज कर दिए जाएंगे। पुलिस के धमकाने पर ग्रामीण चुप हो गए और पुलिस वालों ने गौशाला में रह रहे पशुओं को छुड़वा दिया ।इन छूटे हुए पशुओं ने अमरपुर, कैलाव, चकवा, लालगंज, गड़ेवा आदि गॉंव में गेहूं की खड़ी व कटी पड़ी फसलों को शाम से ही नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। इससे पुलिस के तानाशाही रवैया से क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है।

इस अस्थाई गौशाला के संचालन के प्रमुख कार्यकर्ता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य शिव सिंह ने बताया कि वह स्थाई गौशाला बनाने के लिए तहसील प्रशासन व क्षेत्र के प्रमुख समाजसेवियों से संपर्क कर रहे हैं जिससे की गोवंश को सुरक्षा दी जा सके और किसानों को फसलों की बर्बादी से बचाया जा सके किंतु पुलिस ने सहयोग कर रहे लोगों को धमकी देकर जन विरोधी कार्य किया है। उसकी शिकायत सभी लोग जिलाधिकारी वह पुलिस कप्तान से करेंगे।

रिपोर्ट – मनोज सिंह

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