अपने ‘अस्तित्व’ की रक्षा के लिए बेमियादी अनशन पर बैठे ग्रामीण, प्रशासनिक अमला चुप

बलिया (ब्यूरो) अपने ‘अस्तित्व’ की रक्षा के लिए बेमियादी अनशन पर बैठे केहरपुर व सुघरछपरा के ग्रामीणों की ‘पीडा’ पर प्रशासनिक अमला चुप है, जबकि अनशनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं है। रविवार को एक अनशनकारी की तबीयतभ बिगड़ गयी, फिर भी अनशन जारी है।

बता दें कि गंगा नदी की बाढ़ एवं कटान के मुंदहाने पर खडे बैरिया तहसील के केहरपुर व सुघरछपरा में जिला प्रशासन द्वारा कटान रोधी कार्य पर किसी तरह का होमवर्क नहीं शुरू हो सका है, जबकि सम्भावित खतरा सिर पर मंडरा रहा है। प्रशासन की इस अदूरदर्शिता से परेशान लोगों ने शनिवार को आमरण अनशन शुरु किया, लेकिन 24 घण्टे गुजर जाने के बाद भी अनशन स्थल पर किसी जनप्रतिनिधि या अधिकारी ने यह जानने की कोशिश नही की कि इनकी पीड़ा क्या है..? इधर, आमरण अनशन पर बैठे पांच लोगो में से राजेश प्रसाद (जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि ) की हालात बिगड़ती जा रही है। बावजूद इसके प्रशासन की चुप्पी समझ से परे है।

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