ग्रामीणों ने दुबहर थाना प्रभारी के खिलाफ कप्तान से लगाई गुहार, मंगल पाण्डेय के पैतृक गांव का मामला

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बलिया(ब्यूरो)- स्वंत्रता संग्राम के प्रथम शहीद मंगल पाण्डेय की पैतृक गांव के ग्राम देवता ‘आदि ब्रम्ह‘ है। नगवा से विस्थापित होकर जनपद या प्रदेश के किसी भाग में बसने वाले लोग खुशी के मौके पर अपने ग्राम देवता आदि ब्रम्ह की पूजा करने के लिए नगवा गांव अवश्य आते है। मध्य गांव में स्थापित बाबा का मंदिर परिसर को गांव के ही कुछ लोगों ने धीरे-धीरे अपने कब्जे में ले लिया। इसकी शिकायत जब दुबहर थाना पहुंची तो थानाध्यक्ष ने स्थिति की गंभीरता को हल्का लेते हुए मंदिर निर्माण में लगे लोगों को डकैती कायम करने की धमकी देते हुए थाना से भगा दिया। मंदिर निर्माण में लगे लोग इसकी शिकायत को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय मंगलवार को पहुंचे और थाना प्रभारी के दुर्व्यवहार की शिकायत सुश्री सुजाता सिंह से की।

ग्रामीणों के सहयोग से आदि प्रिंस प्वाइंस क्लब सेवा समिति नगवां इन दिनों मंदिर निर्माण कार्य में लगी हुई है। मंदिर परिसर से खाली भाग में कुछ लोग अस्थायी रूप से भूसां, गोबर, गुमटी आदि रखे हुए थे कि जब आश्यकता होगी तो परिसर को खाली कर दिया जायेगा परंतु मंदिर निर्माण समिति ने जब हटाने का कहां तो गांव के ही कुछ लोग उस जमीन पर अब अपना कब्जा जमाने लगे है। उन्होंने अपने कब्जा को जायज ठहराते हुए दुबहर थाना में वाद भी दाखिल किया है। जब गांव के ही वशिष्ठमुनी पाठक, कृष्णकांत पाठक, मुन्ना पाठक, रविशंकर पाठक, श्रवण कुमार पाठक, सत्येन्द्र कुमार पाठक, नरेन्द्र पाठक, लालजी पाठक, मोहनलाल पाठक, ईश्वरदयाल पाठक, जितेन्द्र पाठक, मुनेश्वर खरवार, लालजी खरवार, यदु भारती, बच्चा खरवार, बंझू खरवार, प्रेमशंकर पाठक, अजीत पाठक, सुबू पाठक, आशीष पाठक, अशोक पाठक, राजेश पाठक, छोटू पाठक, संजय गुप्त, लक्ष्मण खरवार सहित अन्य नगवावासी जब सोमवार को दुबहर थाना पहुंचे तो थाना प्रभारी सुरेश सिंह ने धमकी देते हुए थाना से भगा दिया। सोमवार को जब ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे तो कार्यालय का समय समाप्त हो चुका था और पुलिस कप्तान से मुलाकात नहीं हो सकी। मंगलवार को थानाध्यक्ष की शिकायत करते हुए ग्रामीणों ने मंदिर परिसर से अवैध कब्जा हटाने की गुहार लगायी है। पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने न्याय दिलाने का भरोसा दी है।

रिपोर्ट- संतोष कुमार शर्मा

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