टेट का वायरल प्रश्नपत्र निकला फर्जी, अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

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पटना(ब्यूरो)- राज्यभर में रविवार को प्रश्नपत्र लीक होने की अफवाहों के बीच शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) संपन्न हुई। राजधानी सहित विभिन्न जिलों में पहली पाली की परीक्षा शुरू होने के पहले ही वाट्सएप पर अलग-अलग तरह के प्रश्न और उत्तर वायरल हो गए थे। दूसरी पाली के प्रश्न और उत्तर भी दिन के 1 बजे तक वायरल हो गया। हालांकि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने प्रश्न लीक होने की बात को अफवाह बताया है।

बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक को अफवाह फैलानेवालों को चिन्हित कर गिरफ्तार करने को भी कहा है। वहीं परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने भी दोनों पालियों के वायरल प्रश्न और उत्तर को फर्जी बताया है। बोर्ड ने सभी जिलों में परीक्षा शांतिपूर्ण रहने का दावा किया है। राज्यभर में टीईटी के लिए 348 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा में 2 लाख, 43 हजार 459 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। पटना में 30 केंद्र बने थे। छह साल बाद हुई टीईटी के लिए बोर्ड ने व्यापक तैयारी की थी।

31 अभ्यर्थी परीक्षा से निष्कासित :

राज्य के अलग-अलग हिस्सों में परीक्षा के दौरान कई फर्जी अभ्यर्थी भी पकड़ाए तो वहीं कई को कदाचार करते पकड़ा गया। कोसी, सीमांचल, भागलपुर और पूर्वी बिहार के विभिन्न परीक्षा केंद्रों से 11, सहरसा से छह, मधेपुरा से दो और मुंगेर से एक फर्जी परीक्षार्थी को पकड़ा गया। वहीं कदाचार करते मधुबनी में नौ, कटिहार और  खगड़िया में एक-एक अभ्यर्थी पकड़ाए। भागलपुर में एक कोचिंग में छापेमारी भी हुई, जिसमें प्रश्नपत्रों की फोटोकॉपी मिली।

सीबीएसई छात्रों को हुई दिक्कत :

प्राथमिक विद्यालय और मध्य विद्यालय दोनों के टीईटी में प्रश्न सिर्फ हिन्दी में थे। जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं में हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रश्न होते हैं। अंग्रेजी में प्रश्न नहीं होने से सीबीएसई से 10वीं-12वीं करनेवालों को दिक्कत आई। खासकर सामान्य अध्ययन प्रश्नों में ज्यादा समस्या हुई।

रिपोर्ट- आशुतोष कुमार सिंह 

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