अकबर रोड का नाम बदलकर महाराणा प्रताप के नाम पर रखा जाना चाहिए – जनरल वीके सिंह

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2015

दिल्ली – भारतीय सेना के पूर्व जनरल और मोदी सरकार के वर्तमान विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने एक बार फिर से अकबर रोड का नाम बदलने की बात कही है | इस बार श्री सिंह ने शहरी विकास मंत्री श्री एम् वेंकया नायडू को एक पत्र लिखकर इस बात की मांग की है | विदेश राज्यमंत्री और भारतीय सेना के पूर्व जनरल वीके सिंह ने कहा है कि हम यह चाहते है कि सरकार दिल्ली के लुटियंस जोन स्थित अकबर रोड या फिर किसी भी अन्य रोड का नाम बदलकर मेवाड़ के राणा महाराणा प्रताप के नाम पर रखा जाय |

सच्चे धर्मनिरपेक्ष राजा थे महाराणा प्रताप –
जनरल वीके सिंह ने शहरी विकास मंत्री श्री नायडू को लिखे अपने पत्र में कहा है कि, “मेवाड़ के राणा महाराणा प्रताप सच्चे अर्थों में एक धर्मनिरपेक्ष शासक थे | इतना ही नहीं उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए यह भी कहा है कि महाराणा की सेना में मुस्लिम, पठान, भील, क्षत्रिय आदि विविध जातियों के लोग सैनिक थे और उन्हें उचित सम्मान दिया जाता था | उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि कभी भी महाराणा के राज्य में किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया था |

केंद्रीय मंत्री ने यह भी लिखा है कि महाराणा न केवल एक सच्चे धर्मनिरपेक्ष शासक थे बल्कि उनके जैसा खुद्दार ब्यक्ति या फिर शासक और कोई इतिहास में दूर-दूर तक देखने को नहीं मिलता है | वे कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का श्रोत है, आधार है | देश के युवाओं के आदर्श महाराणा प्रताप को देश की अब तक की सरकारों की तरफ से वो सम्मान नहीं दिया गया जो उन्हें दिया जाना चाहिए था या फिर जो उन्हें मिलना चाहिए था |

जनरल ने अपने पत्र में लिखा है कि महाराणा ने ग़ुरबत की जिंदगी जीना स्वीकार किया था लेकिन उन्होंने उस समय के सबसे शक्तिशाली शासक अकबर के सामने कभी भी घुटने नहीं टेके और इतना ही नहीं उन्होंने अकबर को कभी भी आगे बढ़ने नहीं दिया और कई बार अकबर की विशाल सेनाओं को पराजित कर युद्ध में विजय भी पाई थी | सच्चे अर्थों में उन्होंने हम हिन्दुस्तानियों को विषम से विषम परिस्थितियों में लड़ना सिखाया था |

राज्य सभा सांसद सुब्रमणियम स्वामी ने किया समर्थन –
बीजेपी के नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद सुब्रमणियम स्वामी ने जनरल वीके सिंह का समर्थन करते हुए कहा है कि, “जनरल बिलकुल सही कह रहे है | उन्होंने आगे कहा कि यदि आप त्याग, समर्पण, देश प्रेम, गौरव, आत्मसम्मान की बात कही भी करते है तो महाराणा से श्रेष्ठ कोई और हो ही नहीं सकता है |” उन्होंने यह भी कहा है कि, “इतने सारे अद्भुद गुण होते हुए भी केंद्र सरकारों ने आजतक दिल्ली की किसी भी सड़क का नाम महाराणा प्रताप के नाम पर नहीं है जबकि दिल्ली में अकबर, शाहजहाँ, औरंगजेब आदि तमाम मुस्लिम शासकों के नामों पर सड़के बनी हुई है |

हरियाणा सरकार भी कर चुकी है मांग –
बता दें कि पिछले कुछ दिन पहले ही हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने भी केंद्र सरकार से अपील की थी कि दिल्ली के लुटियंस जोन स्थित अकबर रोड का नाम बदलकर मेवाड़ के राणा महाराणा प्रताप के नाम पर होना चाहिए |

अकबर रोड पर स्थित है कांग्रेस का मुख्यालय –
सबसे दिलचस्प बात तो यहाँ पर यह है कि लुटियंस जोन स्थित अकबर रोड पर ही देश की सबसे पुरानी पार्टी कान्ग्रेस पार्टी का मुख्यालय है | यहाँ पर यह भी जानना दिलचस्प होगा कि पिछले साल बीजेपी सांसद महेश गिरी और सांसद बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी के अनुरोध पर दिल्ली की औरंगजेब रोड का नाम पूर्व राष्ट्रति और भारत के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक डाक्टर एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रख दिया गया था | लेकिन इस नाम में परिवर्तन होने के बाद देश की बड़ी-बड़ी पार्टियों ने विरोध पप्रदर्शन भी किये थे | हालाँकि सरकार ने स्पस्ट कहा दिया था कि औरंगजेब रोड का नाम अब हमेशा के लिए डाक्टर एपीजे अब्दुल कलाम रोड ही रहेगा

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