व्यापम घोटाले का मुख्य आरोपी रमेश शिवहरे यू.पी. के कानपुर से गिरफ्तार, 4 साल से थी पुलिस को इसकी तलाश

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दिल्ली- मध्यप्रदेश के चर्चित व्यापम घोटाले में सीबीआई और उत्तर प्रदेश एसटीऍफ़ की टीम ने छापा मारकर एक और बड़े अपराधी को कल गिरफ्तार किया है | बता दें कि इस ब्यक्ति का नाम रमेश शिवहरे है और इसे व्यापम घोटाले का मास्टर माइंड माना जा रहा है | मध्य प्रदेश पुलिस को इस ब्यक्ति की पिछले 4 सालों से तलाश थी | इतना ही नहीं मध्यप्रदेश पुलिस ने तो इस ब्यक्ति के ऊपर 5 हजार रूपये तक इनाम भी रख रखा था |

यू.पी. के कानपुर से हुई गिरफ्तारी –
बता दें कि रमेश शिवहरे नामक व्यापम के इस मास्टर माइंड की मध्य प्रदेश पुलिस को पिछले 4 सालों से तलाश थी लेकिन यह वर्ष 2012 से लगतार फरार चल रहा था | सीबीआई को अपने सूत्रों के माध्यम से इस बात की जानकारी मिली थी रमेश शिवहरे आजकल कानपुर में रह रहा है जिसके बाद सीबीआई ने यू एसटीऍफ़ के साथ मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन को अंजाम दिया जिसमें रमेश को उसके घर से गिरफ्तार किया गया |

बड़े-बड़े नेताओं से जुड़े है तार, पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी है –
बता दें कि रमेश शिवहरे उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का रहने वाला है और उसकी पत्नी अंशू शिवहरे महोबा जिले की जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुकी है | इतना ही नहीं सूत्रों के हवाले से पाप्त खबर के आधार पर लिखा जा रहा है कि रमेश शिवहरे का महोबा में इतना दबदबा है कि उसकी इज़ाज़त के बगैर महोबा में पत्ता तक भी नहीं हिलता है | बताया यह भी जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की दोनों प्रमुख क्षेत्रीय पार्टियाँ सपा और बसपा दोनों के साथ ही रमेश के बहुत नजदीकी संबंध है इतना ही सपा के वर्तमान सीएम अखिलेश यादव के साथ कई बार तो इसकी फोटो भी देखी गयी है |

मध्यप्रदेश के 6 जिलों में दर्ज है इसके खिलाफ मुकदमा –
बता दें कि महोबा जिले की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंशू शिवहरे के पति रमेश शिवहरे जो कि एचबीटीआई से बीटेक की डिग्री भी ले चुके है के ऊपर मध्यप्रदेश के 6 जिलों में मुकदमें दर्ज है | इतना ही नहीं रमेश के ऊपर मध्यप्रदेश पुलिस ने 5000 रूपये के ईनाम की भी घोषणा कर रखी है |

पैसे लेकर स्टूडेंट्स को पास करवाने का लेता था ठेका –
रमेश शिवहरे के ऊपर आरोप है कि वह यूपी के कानपुर में एक कोचिंग इंस्टिट्यूट चलाता था और यही से वो मध्यप्रदेश के व्यवसायिक परीक्षाओं के लिए स्टूडेंट्स के फर्जी फार्म डलवाता था और इतना ही नहीं अपने साथियों के साथ मिलकर मध्यप्रदेश व्यवसायिक परीक्षाओं को पास करवानें का वो ठेका भी लेता था | सीबीआई और एसटीऍफ़ की प्रारंभिक पूछताछ में उसने इस बात को कबूल भी किया है |

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