लाना चाहते है अगर सेक्स लाइफ में आनंद तो करें यह आसन

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आजकल के भाग दौड़ और व्यस्त जीवन में, तनाव भरे जीवन में जहाँ व्यक्ति का सेक्स के प्रति उदासीनता बढती जाती है और जिसकी वजह से अक्सर लोगों के रिश्ते भी अक्सर हाशिये पर पहुँच जाते हैं I ऐसे में योग आपके जीवन में खुशियाँ ही खुशियाँ भर सकता है I
अगर हम जर्नल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन के शोध की बात मानें तो सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने में योग बहुत प्रभावी और सुर‌क्षित तरीका है। इससे न सिर्फ शरीर ऊर्जावान रहता है बल्कि यह रक्त संचार को ठीक रखता है और स्टैमिना बढ़ाता है। इतना ही नहीं, इसका कोई साइड एफेक्ट भी नहीं है।अगर आप अपनी सेक्स लाइफ में स्टैमिना बढ़ाना चाहते हैं तो नियमित रूप से इन आसनों के अभ्यास से आप अपनी सेक्स लाइफ बेहतर बना सकते हैं।

भुजंगासन

bhujangasana
इस आसन के दौरान आपके हृदय के चक्र से ऊर्जा और श्वास का संतुलन बरकरार रहता है और प्रेम से संबंधित हार्मोन सक्रिय होते हैं जिससे सेक्स लाइफ बेहतर हो जाती है।

– पेट के बल सीधा लेट जाएं और दोनों हाथों को माथे के नीचे टिकाएं।
– दोनों पैरों के पंजों को साथ रखें।
– अब माथे को सामने की ओर उठाएं और दोनों बाजुओं को कंधों के समानांतर रखें जिससे शरीर का भार बाजुओं पर पड़े।
– अब शरीर के अग्रभाग को बाजुओं के सहारे उठाएं।
– शरीर को स्ट्रेच करें और लंबी सांस लें।
– कुछ सेकंड इसी अवस्था में रहने के बाद वापस पेट के बल लेट जाएं।

अधोमुख स्वानासन

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इस आसन से शरीर में रक्त संचार तेज होता है और फोकस बढ़ता है। यह सेक्स के लिए वार्म अप का भी काम करता है। रोज इसके अभ्यास से शरीर लचीला बनता है।

– इसे करने के लिए सबसे जमीन पर मैट बिछाएं और पेट के बल सीधे लेट जाएं।
– दोनों पैरों के बीच में थोड़ा अंतर रखें और हथेलियों को कंधों के समानांतर जमीन पर रखें।
– अब सांस भरते हुए शरीर के मध्य भाग को ऊपर उठाएं, हाथ सीधा हो और पैरों का भार पंजों पर हो।
– शरीर का आकार पर्वत जैसा होना चाहिए व सिर जमीन से सटाने का प्रयास करें।
– कम से कम 30 सेकंड तक इस अवस्था में रहने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।

वृक्षासन

vrkshasan
यह आपके शरीर का संतुलन बनाने में मदद करता है। इतना ही नहीं, इससे शरीर सुडौल व मजबूत बनता है और स्टैमिना बढ़ता है।

– आसन का अभ्यास करते समय सबसे पहले दाएं पैर को जमीन पर दृढ़ता से रखें।
– इसके बाद बाएं पैर को धीरे-धीरे उठाएं और उसे दाएं पैर के घुटने के ऊपर रखें। इसके बाद दोनों हाथों को प्रर्थना की मुद्रा में लाएं।
– संतुलन बनाने के बाद दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं। अपना ध्यान आंखों के मध्य में केंद्रित करें और इस अवस्था में एक से दो मिनट खड़े रहें।
– पांच से दस बार दांए पैर पर बाएं पैर को रखकर योग का अभ्यास करने के बाद बाएं पैर पर दाएं पैर को रखकर अभ्यास करें।

 

 

 

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