हमनें तो पूरी जिंदगी की हैं देश सेवा ! आखिर रिटायर होते ही हमें क्यों जहर दे कर मार दिया जाता हैं?

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indian dog squadइस पूरी दुनिया में जिसकी जानकारी अभी तक हमें हैं वह चाहे कोई भी देश हो और कोई भी भाषा इन सभी में सबसे अधिक ईमानदार और वफादार सबसे ज्यादा किसी जीव को माना जाता हैं तो वह हमारे कुत्ते I यह एक आम इंशान से लेकर पुलिस, सरकार, मिलिट्री आदि हर किसी के हमेशा सबसे अच्छे दोस्त की तरह से उनके साथ रहते हैं और अपना पूरा जीवन हमारी और देश की सेवा में गुजार देते हैं, वह कभी किसी से भी छुट्टी की मांग नहीं करते हैं I यह कुत्ते अपनी सूंघने की अद्भुद ताकत की वजह से न लेवल चोरों को पकड़ने में मददगार होते हैं इसके अलावा वह सेना के लिए भी बहुत अधिक मददगार होते हैं I

सेना के लिए कुत्तों को सेना खुद ही अपने अनुसार ट्रेंड करती हैं और उनकी ट्रेनिंग का भी पूरा इंतजाम सेना खुद ही करती हैं I और न केवल सेना कुत्तों का ही प्रयोग करती हैं इसके साथ ही सेना घोड़ों के साथ भी ऐसा ही ब्यवाहर करती हैं I जैसा की सभी जानते हैं कि सेना में कुत्तों के लिए तो पूरा एक अलग से स्वयाड ही बना दिया गया I सेना में जब तक यह कुत्ते और घोड़े काम करते हैं तब तक तो इनकी देख रेख की जाती हैं लेकिन जैसे ही यह रिटायर होते हैं इन्हें तुरंत ही मार दिया जाता हैं I

कुत्तों और घोड़ो को उनके रिटायर होने के बाद जान से मार देने से सम्बंधित जानकारी रक्षा मंत्रालय ने एक आर.टी.आई. के जवाब में दिया हैं, लेकिन आपको बता दे की अब ऐसा नहीं होगा अब किसी भी कुत्ते या फिर घोड़े के रिटायर हो जाने के बाद उसे मारा नहीं जाएगा I रक्षामंत्रालय ने इस बात की जानकारी दिल्ली हाईकोर्ट को दे दी हैं I रक्षा मंत्रालय (केंद्र सरकार) ने कहा हैं कि केंद्र सरकार जल्द ही इसके ऊपर कुछ नया प्लान बना रही हैं और जिसके बाद इन वफादार सैनिकों को मारा नहीं जा सकेगा I

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दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में इस बात की मांग की गई थी कि जानवरों के साथ ऐसा ब्यवहार उचित नहीं और कोर्ट को सरकार को इसे बदलने का निर्देश देना चाहिए I और इसी याचिका स्वीकार करते हुए चीफ जस्टिस जी. रोहिणी और जस्टिस जयंत नाथ की बेंच ने सरकार से जवाब मांगा था। इस पर एडीशनल सॉलीसिटर जनरल संजय जैन ने कहा कि रक्षा मंत्रालय इस दिशा में नई योदना बना रहा है। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर तक टाली गई है। जानवरों के लिए काम करने वाली संस्था PETA इंडिया की सीईओ पूर्वा जोशीपुरा ने आर्मी के कुत्तों को यूथेनाइज्ड (मारने) करने को गलत बताया है।

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