हम तो डूबे ही सनम, तुमको भी ले डूबे, कुछ ऐसा ही है आशीष महाराज का हाल

महोबा(ब्यूरो)- एक पद से किया गया निष्कासित तो दूसरी मे पद प्राप्त हेतु गऐ लेकिन वहाँ से भी निष्कासित कर दिया गया।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक हिन्दू युवा वाहिनी के सह मंडल प्रभारी आशीष महाराज को उनके स्वभाव, नीति तथा कारनामे से कडी कार्यवाही करते हुऐ वाहिनी से सह मंडल प्रभारी के पद से कुछ महीने पहले ही निकाल दिया गया था ताकि वाहिनी की छवि खराब न हो। फिर क्या वहाँ के निष्कासन के बाद दूसरी समिति व संगठन की खोज मे लग गऐ।कहीं न कहीं से जुगाड़ करके व सम्पर्क के जरिऐ आशीष त्रिपाठी ने विश्व हिन्दू महासंघ मे जाने की योजना बनाई और वह सफल भी हुई लेकिन कहते ही लोगो के कारनामे अगर चर्चित है तो उसका कहीं भला नहीं हो सकता और वही हुआ।

इनके कारनामो व वाहिनी से निष्कासन की बात संघ के बडे पदाधिकारी को पता चली तो उसे वहाँ से भी निष्कासित कर दिया गया| इतना ही नहीं जिसके जरिऐ आशीष ने विश्व हिन्दू महासंघ मे जगह प्राप्त की| वह चित्रकूट मंडल के प्रभारी राजेश शुक्ल के जरिऐ ही महासंघ मे लाऐ गऐ थे| उन्हें भी पद से छ: माह तक के लिऐ संघ से प्रदेश अध्यक्ष श्री भिखारी प्रजापति व ओम प्रकाश यादव प्रदेश महामंत्री द्वारा यह कहकर कि आशीष त्रिपाठी को नियुक्ति पद देने का चित्रकूट मंडल के प्रभारी राजेश शुक्ल को कोई अधिकार नहीं है| इसके चलते बडे पदाधिकारी ने अनुशासनहीनता के आरोप मे छ: माह के लिऐ संघ से निष्कासित कर दिया गया ताकि और भी कोई बिना बडे पदाधिकारी की सलाह व विचार विमर्श किसी को भी संघ मे न जोडे और संघ की छवि खराब न हो क्योंकि संघ जनकल्याण व देश हित मे कार्य कर रहा है और वह सफल भी हो रहा है।

रिपोर्ट- प्रदीप मिश्रा

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