कैश की किल्लत से फीकी शादियों की रौनक

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प्रतीकात्मक

मड़ियाहूं/जौनपुर(ब्यूरो)- सरकार कोई भी हो, पर ग्रामीण क्षेत्रों की हालत आज भी जस की तस है। शादी के सीजन के बीच बैंकों में कैश की किल्लत की वजह से एक बार फिर नोटबंदी जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। एटीएम ठप और फिनो सेवा फेल हो जाने से पैसों के लिए लोगों की राह और मुश्किल हो गई है। पर्याप्त रुपए ना मिल पाने से शादी की रौनक फीकी पड़ गयी है। बैंकों में तमाम समस्याओं के बीच आई ऑडिट टीम दाद में खाज साबित हो रही है।

मड़ियाहूं तहसील से महज 6 किलोमीटर दूर स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की बेलवां बाजार शाखा में पैसों की लेनदेन को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है। बैंक परिसर से लेकर बाहर तक उमस और गर्मी के बीच खाताधारकों को अपने ही पैसों के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है। बैंक परिसर में एटीएम तो है, पर सिर्फ गिनती के लिए। यूं कहिए स्थापना से आजतक इस एटीएम के अच्छे दिन आए ही नहीं। ग्राहकों की सुविधा के लिए लायी गयी फिनो सेवा भी फेल सी हो गयी है। फिनो सेवा से जुड़े कर्मचारी दोस्तों-रिश्तेदारों की सेवा तक सिमट कर रह गए हैं। भीड़ और अफरा-तफरी के बीच इन दिनों बैंक में आ रहे ऑडिट अधिकारी दाद में खाज का काम कर रहे हैं।

बैंक के जानकार कर्मचारियों को उनकी मदद और सेवा में लगाकर बैंक को नए कर्मचारियों और दलालों के भरोसे छोड़ दिया गया है। नए कर्मचारियों का हाल यह है कि दो बार डॉक्यूमेंट लेने के बावजूद एक काम बमुश्किल कर पाते हैं। आज भी तमाम खाताधारक ऐसे हैं, जो सभी डॉक्यूमेंट उपलब्ध कराने के बावजूद सिस्टम में नहीं हैं। सबसे ज्यादा कठिनाई बुजुर्गों और छोटे बच्चों के साथ लाइन में खड़ी महिलाओं को उठानी पड़ रही है। महज हजार-दो हजार के लिए कई दिन बैंक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। लगभग 20 हजार से अधिक खाताधारकों वाले इस बैंक को संसाधन और जरूरी सुविधाओं के अभाव के चलते आज भी अच्छे दिन का इंतजार है।

रिपोर्ट- डॉ. अमित कुमार पाण्डेय 

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