कवि सम्मेलन में चले हास्य व्यंग्य के बाण

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विद्यापतिनगर (समस्तीपुर ब्यूरो)– प्रखंड अंतर्गत बाजिदपुर में रविवार की शाम कलमकार संसद के बैनर तले होली मिलन सह हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया| इसका उद्घाटन चेन्नई से पधारे प्रसिद्ध गीतकार ईश्वर करुण ने किया| उन्होंनें कहा कि वर्तमान समय में साहित्यिक मूल्यों में क्षरण हो रहा है| यह चिंता का विषय है| उन्होंने युवा पीढ़ी से अच्छे व रचनात्मक साहित्य का सृजन करने की अपील की| अध्यक्षता बैजनाथ पंडित प्रभाकर ने की. संचालन चर्चित कवि शयूम जावेद ने किया|

चेन्नई से पधारे चर्चित गीतकार ईश्वर करूण ने अपनी कविता ’’कोयल की पुकार पर मितवा तेरे द्वार पर होली आई रे ….कर दे माला-माल गुजरिया होली में ….” आदि जैसे कविता की शुरुआत की तो उपस्थित लोग हंसते हंसते लोट-पोट हो गए| कवि बेलगाम बाजिदपुरी ने अपनी कविता ’’बेटा को बेटा नहीं बाप समझिएगा तो सबकुछ पायेगा, वरना मुलायम सिंह की नजर में लुढ़क जाएगा…” की प्रस्तुति से वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर व्यंग्य बाण चलाए|
साहित्यकार व कवि प्रो. हरिनारायण सिंह ’हरि’ ने अपनी स्वरचित कविता ’’बहे बसंती बहार, करे जिया बेकरार …” से उपस्थित लोंगों को मंत्र-मुग्ध कर दिया|

कवि सम्मेलन में कवि डा. शैलेन्द्र शर्मा त्यागी, ललित कुमार, सुधांशु चक्रवर्ती, गितांजू, डा. विश्वनाथ प्रताप सिंह, थामस सर, अमित जायसवाल, रविंद्र चौरसिया, दिनेश प्रसाद ने भी अपनी-अपनी कविता सुना उपस्थित जनसमूह को बाग-बाग कर दिया| इससे पहले साहित्यिक संस्था की ओर से गीतकार ईश्वर करूण को पाग, चादर, माला, लेखनी, अंग वस्त्र व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया|

रिपोर्ट- आर. कुमार
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