मित्रता कैसे होती हैं ?

0
927

आचार्य चाणक्य ने मित्रता के ऊपर एक बात कही थी कि –

“हर एक मित्रता के पीछे कोई न कोई स्वार्थ जरूर होता हैं I यह एक कडवा सच हैं II “

रामचरितमानस मानस में भी इस बात का उल्लेख करते हुए गोस्वामी तुलसीदास जी ने भी लिखा हैं कि –

“स्वारथ लागि करहि सब प्रीती”

chanakya 1

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

two × 2 =