आखिर क्या है जिले के टॉपर देने वाले स्कूल की पढाई का राज़

बलिया(ब्यूरो)- यूपी बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की मेधा सूची में जनपद के तिलेश्वरी देवी इंटर कालेज गौरा पतोई व तिलेश्वरी देवी गर्ल्स सीनियर सेकेंड्री स्कूल गौरा पतोई के दो दर्जन से अधिक मेधावियों ने अपना स्थान सुनिश्चित कर जहां जनपदवासियों को गौरवान्वित होने का मौका दिया, वहीं दूसरी ओर तमाम सवाल भी खड़े कर दिये है। बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आने के कुछ देर बाद ही परिणामों को लेकर चर्चा का बाजार गर्म हो गया, जो शनिवार को भी बदस्तूर जारी रहा। सबकी जुबां पर लगभग एक ही प्रश्न तैरता रहा कि जनपद के पश्चिमी छोर पर गंवई परिवेश में अवस्थित आखिर उस विद्यालय का राज क्या है? जिसमें एक-दो नहीं, बल्कि दो दर्जन से अधिक टॉपरों को श्रेणी में ला खड़ा किया।

वैसे भी जिस क्षेत्र में यह विद्यालय अवस्थित है, वह क्षेत्र बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल का केन्द्र माना जाता रहा है। चर्चाओं पर गौर करें तो चाहे हाईस्कूल का पेपर हो या इंटर का, लगभग हर पेपर इस क्षेत्र से आउट होकर एक घंटे पहले ही परीक्षार्थियों के हाथों तक पहुंचता रहा। यही नहीं, शिक्षा जैसी पवित्र विधा को बाजारू बनाकर डिग्रियां बेचने का धंधा भी इस क्षेत्र में जोर-शोर से चलता है, जो परीक्षा के दौरान प्रमाणित भी हो चुका है। शनिवार को इस टॉपर विद्यालय की हकीकत जानने का प्रयास किया गया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आये। जिस इंटरमीडिएट कालेज से 26 मेधावी निकलकर सामने आये है, उस विद्यालय में मवेशी बंधने के साथ-साथ ही उनके खाने-पीने के इंतजाम किये गये थे। उस विद्यालय के एक तिहाई कमरे की छत तक नहीं है और तो और एक कमरा ऐसा भी मिला, जिसमें भूसा रखा गया था।

इस बावत जिला विद्यालय निरीक्षक रमेश सिंह के मुताबिक लोगों का कहना है कि उचित शैक्षणिक माहौल की वजह से इतना अच्छा रिजल्ट रहा। हालांकि जब वहां की वस्तु स्थिति की चर्चा की गयी तो वे निरूत्तर हो गये। हां, उन्होंने इतना जरूर कहा कि शासन के निर्देशानुसार 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वालों की कॉपी रि-चेक होनी है। इस कंडीशन में सबकुछ सामने आ जायेगा।

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