लाभार्थी ने जब खुद तोड़ा शौचालय, स्वच्छता मिशन को दिखाया अँगूठा

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भदोही(ब्यूरो)- जिले में स्वच्छता को लेकर केंद्र व राज्य सरकार गंभीर है, पर ग्रामीण इलाके के लोग अभियान का बेड़ा गर्त कर दे रहे हैं। उपयोग की बात तो दूर है, आजकल सरकारी धन से बने शौचालय को लाभार्थी द्वारा स्वयं और अराजक तत्वों द्वारा तोड़ने के मामले भी प्रकाश में आ रहे हैं।

ताजा मामला गंगा तट पर बसे डीघ विकास खण्ड के बेरवां पहाड़पुर गांव का है। केंद्र सरकार ने स्वच्छता अभियान के प्रथम चरण में गंगाकिनारे और समग्र गांवों में शौचालय निर्माण कार्य करवाया।

योजना के तहत गांव के दलित बस्ती निवासी बीत्तू मिस्त्री के परिवार में भी पूर्व प्रधान अरविन्द पाण्डेय द्वारा करीब दो या तीन वर्ष पूर्व कुल तीन शौचालयों का निर्माण बारह-बारह हजार की धनराशि से कराया गया था।

आरोप है की सरकारी धन से बने तीन शौचालयों में से लाभार्थी बीत्तू ने दो शौचालयों को पूरी तरह तोड़ दिया है और उसमें लगी ईंट, सीमेंट चादर इत्यादि समान को निकालकर रख लिया है।

बातचीत के दौरान लाभार्थी ने लैट्रिन तोड़ने की बात और वर्तमान प्रधान से नए शौचालयों के निर्माण हेतु पैसे मांगने व शौचालय तोड़ने की धमकी देने की बात को भी स्वीकारा है।

प्रधान मनोज कुमार द्वारा भी लाभार्थी द्वारा शौचालय को क्षतिग्रस्त करने की पुष्टि की गई है, परंतु किसी तरह के करवाई करने से वे कतराते नजर आए। इस बात की सूचना ग्राम पंचायत अधिकारी श्यामसुंदर पाण्डेय को भी दे दी गई है|

परंतु अब तक उनके द्वारा कोई कदम नही उठाया गया है। यदि इसी तरह लोग सरकारी धन का दुरुपयोग करते रहे और गांव के मुखिया वोट के लालच में मौन बैठे रहे,साथ ही कर्मचारी झमेले में न पड़ने की सोचते रहे तो अभियान की लुटिया डूबना निश्चित है।

रिपोर्ट-राजमणि पाण्ड़ेय

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