जब बाढ़ राहत मंत्री भी नहीं दे सकी खर्च का हिसाब

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मनियर/बलिया (ब्यूरो) – घाघरा नदी के कटान क्षेत्र कक्करघट्टा ग्राम में बाढ विभाग के अधिकारियों के साथ मंगलवार को कटान व बाढ़ पीड़ित से मिलने पहुंचे सूबे के राज्य मंत्री स्वाति सिंह से कटान रोकने में आए खर्च का हिसाब नहीं दे पायी उल्टे अधिकारीयों के बचाव में लगी रही । जब मीडिया ने उनसे इस संदर्भ में सवाल किया गया कि बाढ़ विभाग के अधिकारी गांव के बचाने में किये गये खर्च का जबाब मांगने पर नहीं दे रहे हैं। तो मन्त्री जी भी अधिकारी के कदम में कदम मिलाकर बचाव में आकर कहा कि खर्च देना मुश्किल है बाढ़ खत्म होने पर ही इसका हिसाब बनता है। जब गाँव के लोगों ने कहा कि चोगा व बास के दिखाकर लुट खसोट कि प्रकिया पाँच साल से चल रही है|

लेकिन कभी भी राहत नहीं मिलता घाघरा नदी का कटान काटते काटते गांव को काट रही है केवल हर साल परेशानीयों का सामना करना पड़ता है इस पर चुप्पी साध टाल गयी ।कहा कि ठोस कदम उठाया जायेगा। खास बात यह है कि कटान रोकने में खर्च को लेकर हर बार सवाल खड़े होते रहे हैं। संबंधित अधिकारियों के अलावा विगत दिनों निरीक्षण में पहुंचे सुबे के नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी से इस संबंध में सवाल किया गया था, लेकिन वे भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। आखिर किन परिस्थितियों में नेता व जनप्रतिनिधि खर्च का जवाब देने से बच रहे हैं। यह समझ के परे हैं, लेकिन उनकी चुप्पी के साथ ही अनेकों सवाल खड़े हो रहे हैं। इन सवालों का जनता जवाब जानना चाह रही है। आखिर किन कारणों से खर्च का हिसाब नहीं दिया जा रहा है।

रिपोर्ट – राममिलन तिवारी

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