प्रतापगढ़ के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सोई आत्मा को जगाये कौन ?

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कालाकॉकर (प्रतापगढ़)- बेल्हा यानी प्रतापगढ़ के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की आत्मा एकदम मर चुकी है तभी तो दीवारों पर स्लोगनों के जरिये अपनी भद्दगी कराने के बाद भी समस्या का समाधान ये लोग नहीं कर रहें हैं। मजे की बात तो यह है कि इन लोगो की भद्दगी जनप्रतिनिधि ही कर रहा है।

अधिषाशी अधिकारी काम चोर है, नगर मे गंदगी है, अधिकारी नगर के बाहर रहते है, ऐसे ही न जाने कितनी बाते लिखी हुयी है नगर पंचायत मानिकपुर की दीवारों पर। ये हर घर की दीवारो पर लिखे हुये शब्द है जिससे चुनाव मे वोट मागने वाले विधायक जी या अधिकारी, चुनावी दौरा करने जब नगर मे आये तो दीवार पर लिखे इन बातो पर ध्यान दे और समस्या का समाधान करें।

लेकिन अफसोस यही है कि अधिकारियों ने दौरा ही नहीं किया और नेता जी वोट मागने आये तो, लेकिन दीवारो पर लिखी हुयी बातो के बारे मे सच्चाई जानना उचित नही समझा ।

बता दें कि नगर पंचायत मानिकपुर में किसी तरह के विकास कार्य न होने और सफाई व्यवस्था नही होने से नाराज सभासदो ने अपना इस्तीफा भी दिया था| लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी समस्या का कोई समाधान नही निकला तो सभासद सुरेश गौतम ने नगर के घर-घर की दीवारो पर मानिकपुर नगर पंचायत की दुर्व्यस्था को लिखवाकर विरोध जाहिर किया लेकिन फिर भी नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशाषी अधिकारी की सोई हुई आत्मा नहीं जागी और सभासद की इस गांधीगीरी का भी असर जिम्मेदारों पर नही हुआ।

रिपोर्ट-पंकज मौर्या
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