पत्रकारों को सर्किट हाउस के कार्यक्रम से क्यों दूर रखा गया ?

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वाराणसी (ब्यूरो) सर्किट हाउस में मुख्यमंत्रीे की समीक्षा बैठक के दौरान पहली बार काशी की मीडिया को दूर रखा गया । जो समझ से परे रहा ? इसके पूर्व मैंने खुद मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, के अलावा प्रमुख सचिव (गृह) तथा प्रदेश के बड़े अधिकारियों की समीक्षा बैठक को इसी सर्किट हाउस या कमिश्नरी सभागार में कवर किया है। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत की परंपरा रही है। परंतु पहली बार ऐसी व्यवस्था देखकर अजीबोगरीब लगा ? आखिर मुख्यमंत्री से स्थानीय मीडिया से इतनी दूरी क्यों बनवा दी। इसमें दोष किसका है ? यह सोचने वाली बात है ।

पूरे दिन मीडिया कर्मी सर्किट हाउस के बाहर मौजूद रहकर खबर के लिए लालायित रहे। लेकिन 1 मिनट के लिए भी उन्हें मुख्यमंत्री का समय नहीं मिला । बताया गया कि सूचना विभाग के जरिए खबर भेजी जाएगी ? तो क्या सूचना विभाग पत्रकारों की ओर से होने वाले संभावित कोई सवाल पूछ पाया ? बनारस की समस्याओं के बाबत आखिर मीडिया अब कैसे किससे पूछे ? क्या अब पत्र भेजकर पूछना होगा ? अब तो प्रधानमंत्री के भी कार्यक्रम में स्थानीय मीडिया को दूर रखा जाने लगा है? जो बेहद अफ़सोस जनक है। स्थानीय मीडिया के सभी संस्थानों से केवल एक रिपोर्टर को वहाँ बुला लेने से आखिर क्या गलत हो जाता, मैं तो नहीं समझ पा रहा। अब तो बाहर से आयातित लोग ही खबर को कवर करने आते हैं जिन्हें यहां का मूल दर्द ही पता नही होता हैं जबकि काशी पत्रकारिता की उर्वरा भूमि रही है । यह अत्यंत सोचने का विषय है बहरहाल आज मुझे तो व्यवस्था पर बेहद अफसोस हुआ।

रिपोर्ट – डॉक्टर लोकनाथ पाण्डेय

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