किसानों द्वारा आरी वाले तारों की फेसिंग से घायल हो रहे पशु, डीएम ने दिया करवाई का आश्वासन

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जालौन(ब्यूरो)– क्षेत्र में अन्ना पशुओं से बचने के लिए किसानों द्वारा आरी वाले तारों की फेसिंग कराने से घायल हो रहे पशुओं की समस्या को देखते हुए गौरक्षा दल के सदस्यों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर खेतों से आरी वाले तारों की फेसिंग हटवाए जाने की मांग की।
गौरक्षा दल के वीरेंद्र सिंह बिरहरा समेत अनिल शिवहरे, राजा सिंह सेंगर, लालन ताम्रकार, मनोज गुप्ता आदि ने डीएम संदीप कौर को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि क्षेत्र में अन्ना पशुओं की काफी समस्या है। अन्ना पशु खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद कर देते हैं। जिससे किसानों को काफी आर्थिक हानि उठानी पड़ती है। किसान रात भर खेतों में रहकर अन्ना पशुओं से खेतों की रखवाली कर रहे हैं। तो कई किसानों ने अन्ना जानवरों को खेतों में घुसने से बचाने के लिए अपने खेत के चारों ओर आरी वाले तारों की फेसिंग करा ली है। लेकिन इस तरह की तार फेसिंग में समस्या यह है कि जैसे ही कोई पशु इन तारों से होकर खेत में घुसने का प्रयास करता है तो इन तारों से टकराकर वह गंभीर रूप से घायल हो जाता हैं। प्रतिदिन कई पशु इन तारों से घायल हो रहे हैं। यदि उन्हें समय रहते सही उपचार न मिला तो उनकी मौत तक हो जाती है। ऐसे में तार फेसिंग में इन आरी वाले तारों का प्रयोग बंद कराया जाना चाहिए। ताकि पशु घायल न हो सकें।

कोई भी किसान अपने खेतों में आरी वाले तारों के फेसिंग न कराए। इसके साथ ही पशु पालक भी अपने पशुओं को अन्ना न छोड़ें। यदि कोई किसान अथवा पशुपालक ऐसा करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह बात एसडीएम व सीओ ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान कही।
एसडीएम शीतला प्रसाद यादव व सीओ संजय कुमार शर्मा ने खेतों में आरी वाले तारों की फेसिंग कराने वाले किसानों व पशुपालकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि कोई भी किसान अपने खेतों में आरी वाले तार न लगवाऐं।

यदि किसी किसान ने पहले से इन तारों को लगवा लिया है तो वह भी अपने खेतों से इन तारों को हटा लें। यदि किसी किसान के खेत में आरी वाले तार लगे हुए पाए जाते हैं, तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने अपने पशुओं को अन्ना छोड़ने वाले पशुपालकों को भी सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि वह भी अपने-अपने पशुओं को घर पर ही बांध कर रखें। कोई भी पशुपालक अपने पशुओं को अन्ना न छोड़े। यदि किसी पशुपालक द्वारा अपने पशुओं को अन्ना छोड़े जाने की शिकायत मिलती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट-अनुराग श्रीवास्तव
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