घरेलू कलह से आजिज़ आकर जहर खाने से प्रतापगढ़ में हुई मां- बेटी की मौत, उजड़ा पूरा परिवार

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प्रतापगढ़ (ब्यूरों) गरीबी ने एक व्यक्ति को इस कदर जकड़ा कि उसका पूरी दुनिया ही उजड़ गई। गरीबी ने जब घरेलू कलह का रूप धारण कर लिया तो रोज घर मे लड़ाई झगड़े होने लगे। जिससे आजिज़ आकर महिला ने अपनी बेटी संग जहर खाकर दोनों लोंगो का जीवन समाप्त कर लिया। जिससे दों बच्चों के ऊपर से मां का साया उठ गया।

महेशगंज इलाके के बहादुर मजरे ऐमापुर बिंधन निवासी नन्हे लाल गौतम (48 वर्ष) अत्यंत ही गरीब है। वह पावरोटी खरीदकर गांवों में घूमकर बेचता है। मामूली रूप से खेती होने के कारण खाने पीने की भी दिक्कत रहती है थोड़ा कम सुनने और मोटी बुद्धि होने के कारण उसकी पहले की दों पत्नियां गरीबी का दंश और रोज की चिकचिक नही झेल पाई और उसको छोड़कर चली गई।

करीब दस वर्ष पूर्व उसने लालगंज कोतवाली के बेल्हा गांव निवासी मगरू की पुत्री मालती ( 40 वर्ष) से शादी की। वह अपने साथ दो बच्चे एक लडक़ी ममता (16 वर्ष) और नितिन (10वर्ष) को साथ लेकर आई थी। मालती को नन्हे से करीब 9 वर्ष पूर्व एक पुत्र कुणाल की प्राप्ति हुई। घर मे गरीबी और खेती कम होने के कारण ममता और नितिन अपने नाना के साथ ही रहते थें। वही से दोनों पढ़ाई भी करते थे। ममता इस बार दसवीं की छात्रा थी और उसने परीक्षा भी पास कर ली थी। करीब एक माह पूर्व ममता और नितिन अपने नाना के घर से अपने घर आये थे।

घटना 20 जून मंगवार देर शाम की है। जब मां – बेटी ने रात का खाना खाने के बाद जहर खा लिया ,जिससे मौके पर ही रात में दोनों लोंगो की मौत हो गई।इस आत्म हत्या करने के पीछे कोई खास वजह न घर वाले बता पाए और न ही पड़ोसी तथा न ही पुलिस। नितिन ने इतना जरूर बताया कि करीब 2 दिन पूर्व माँ और पिता में लड़ाई हुई थी। जिस दिन दोनों ने जहर खाया, उस दिन नन्हे ने कहा था कि शाम तक कोई भी घर मे नही रहना चाहिए।

पड़ोसियों ने बताया कि गरीबी के कारण खाने पीने को लेकर रोज इनके घर मे किचकिच होती थी। और नन्हे भी थोड़ा मोटा दिमाग का है और कम सुनता है। कुछ कह दिया होंगा। जिससे शायद मां बेटी ने जहर खा लिया हो। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने दोनों के शवों को कब्ज़े में लेकर लाश को पीएम के लिए भेज दिया। दोनों मृतकाओं का बिसरा प्रिजर्ब रख लिया गया है।

रिपोर्ट – विश्व दीपक त्रिपाठी

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