कांच के टुकड़ों की तरह बिखर कर रह गई मां की ममता।

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प्रतापगढ़ : वाह रे कलयुग वाह तेरा क्या कहना और मां ही मंदिर मां ही पूजा मां से बढ़कर कोई न दूजा की कहावत को नजरअंदाज करते हुए एक कलयुगी मां ने इश्क में इस कदर दीवानी हुई कि अपने चार बच्चों की ममता को ताक पर रखकर गांव के ही अपने प्रेमी के साथ रफूचक्कर हो गई। मामला जनपद प्रतापगढ़ के थाना कंधई के गांव लोनियापुर का है। वहीं यदि सूत्रों की मानें तो प्रेमी भी विवाहित है।

कलयुगी मां पर इश्क इतना परवान चढ़ा कि मां की ममता कांच के टुकड़ों की तरह विखर कर रह गई वहीं चार बच्चों के सर से मां का ममता भरा आंचल भी बेसहारा कर गया। घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी है। हर कोई इस कलयुगी मां की दास्ताने इश्क की चर्चा करता नजर आ रहा है। कलयुग में मां की ममता भी इश्क के आगे जहां नतमस्तक हुई वहीं कांच के टुकड़ों की तरह बिखर कर रह गई मां की ममता।

रिपोर्ट – डॉ. आर आर पाण्डेय

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