मनरेगा की मजदूरी मांगना दलित महिला को पड़ा मंहगा

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रायबरेली: जिले में जहाँ केन्द्र सरकार के अंतर्गत चल रही योजना मनरेगा में जहां संबधित अधिकारी लाखो रुपये का वारा न्यारा कर चुके हैं| अब वही छोटे-छोटे स्तरो पर भी पैसा दबाने का काम शुरू कर दिया गया है लेकिन अब काम करने का तरीका लोगो ने बदल दिया है| अब सरकार को चूना लगाने के बजाये गरीब व असहाय मजदूरों को ही बलि का बकरा बनाया जा रहा है, यानी की उनकी मजदूरी मे हेराफेरी या फिर उनकी मजदूरी न देकर उल्टा उनकी पिटाई, सुनने में थोड़ा अटपटा जरूर लगेगा लेकिन आज हम आपको ऐसा ही एक मामला के बारे में बताने जा रहे हैं|

मनरेगा में काम कर रही महिला को अपनी मज़दूरी मागने पर पैसे के बजाय मिली सज़ा , मजदूरी मांगने गई एक दलित महिला को ग्राम प्रधान व उनके सहयोगियो ने पीट पीट कर गम्भीर रूप से घायल कर दिया, जिसमें उसके चेहरे पर गम्भीर चोटे आई है| यही नही पीडिता के मुताबिक वह डर के मारे अपनी शिकायत थाने मे भी करने नही जा सकी है जिसके बाद वह पुलिस अधीक्षक से न्याय मांगने पहुँची है| पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह को दिये गये पत्र मे महिला गोमती पत्नी राम बरन पासी निवासी रामपुर मजरे एेहार थाना लालगंज ने आरोप लगाया है कि वह गरीब व असहाय महिला है जो मनरेगा मे मजदूरी करके किसी तरह घर चलाती है तथा पति बेरोजगार है|

आरोप है कि खरगपुर सुल्तान गांव निवासी वर्तमान ग्राम प्रधान उमेश सिंह व उनके सहयोगी गुडडू एंवम बड़कऊ पुत्र गण मथुरा जिनकी देख रेख मे वह मनरेगा मे मजदूरी करती है, पीडिता ने मनरेगा के तहत कई दिन काम किया परन्तु जब वह मजदूरी मांगने गई तो उसे ग्राम प्रधान समेत उपरोक्त सहयोगियो ने जाति सूचक गाली दिया और जम कर पिटाई कर दी| यही नही ससुराल से आयी हूई पीडिता की लड़की जब बीच बचाव करने पहुची तो उसकी भी पिटाई कर दी गई| जिससे पीडिता को बायी तरफ की आंख समेत चेहरे पर गंभीर चोटे आई है|

पीड़िता के मुताबिक उसके साथ बदनीयती करने की कोशिश भी की गई है| यही नहीं महिला ने बताया कि उसे धमकी भी दी गई कि थाने गई तो जान से हाथ धोना पडे़गा| जिसके बाद वह जिला पुलिस मुख्यालय पहुंच कर फरियाद दर्ज कराई है| पीडिता ने मांग की है कि उसकी जांच करा कर उचित कार्यवाही की जाय|

रिपोर्ट- अनुज मौर्य

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